9 मार्च यानी आज नो स्मोकिंग डे है। इस दिन दुनिया भर में लोगों को धूम्रपान न करने के बारे में जागरूक और प्रोत्साहित किया जाता है। नो स्मोकिंग डे हर साल मार्च के दूसरे बुधवार को मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य धूम्रपान की बुरी आदतों से छुटकारा पाना है। तंबाकू या सिगरेट एक हानिकारक पदार्थ है, जिसके सेवन से कई बीमारियां हो सकती हैं। इसका अधिक सेवन गंभीर बीमारियों को बढ़ावा देता है और शरीर को कमजोर बनाता है। कैंसर जैसी घातक बीमारी धूम्रपान से होती है। वहीं धूम्रपान की वजह से भी दिल से जुड़ी बीमारियां हो रही हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ धूम्रपान न करने की सलाह देते हैं। लेकिन एक बार जब आप धूम्रपान की आदत डाल लेते हैं, तो इसे छोड़ना मुश्किल हो जाता है। लेकिन अगर आप सिगरेट या तंबाकू की लत छोड़ना चाहते हैं, तो पहले अपने भीतर संकल्प जगाएं और फिर उस फैसले पर अडिग रहें। सिगरेट छोड़ने के कुछ आसान उपाय यहां दिए गए हैं।
मुलेठी का स्वाद हल्का मीठा होता है, जो धूम्रपान करने की इच्छा को खत्म करने में मदद करता है। लाल मिर्च धूम्रपान छोड़ने में भी मदद कर सकती है, इसके लिए एक गिलास पानी में एक चुटकी लाल मिर्च मिलाएं और रोजाना इसका सेवन करें।
नींबू पानी
नींबू शरीर के लिए तो फायदेमंद होता है लेकिन धूम्रपान की लत को दूर करने में भी यह मदद करता है। सुबह सबसे पहले एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू का रस और शहद मिलाकर पिएं। इससे आपको सिगरेट पीने की आजादी मिलेगी।
नींबू पानी
योगासन
सिगरेट की लत से छुटकारा पाने के लिए योगासन भी एक कारगर उपाय है। मन को एकाग्र करने और व्यसनों से मुक्ति पाने के लिए आपको सेतुबंधासन, भुजंगासन, बालासन और सर्वांगासन करना चाहिए। आप भी इसका लाभ उठा सकते हैं।
डॉक्टर की सलाह
डॉक्टर से सलाह लेने के बाद निकोटीन की जगह लेने से भी आपको सिगरेट की लत छोड़ने में मदद मिलेगी।
कायम चूर्ण बहुत सालो से कब्ज के इलाज के तौर पर जाना जाता है। कायम चूर्ण को बनाने में अलग अलग प्रकार की जड़ी बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है। विभिन्न जड़ी बूटियों का ये मिश्रण बदहजमी और अपचन को ठीक करता है। सेठ ब्रदर्स का उत्पाद का कायम चूर्ण एक आयुर्वेदिक पाउडर है। आज इस आर्टिकल में हम आपको कायम चूर्ण के फायदे बताएंगे। साथ ही बताएंगे इसके तत्व, इसके नुकसान और कायम चूर्ण लेने का तरीका।
आपने विभिन्न मैगज़ीन, टीवी, रेडियो पर देखा और सुना ही होगा। यह दवा बहुत ही अच्छे तरीके से पेट को साफ करती है। बेशक ये दवा पेट के लिए अच्छी है लेकिन अति हर चीज़ की बुरी होती है। लगातार कायम चूर्ण लेना सही नही है।
उम्मीद है इस आर्टिकल में आपको इस बारे में पूरी जानकारी मिलेगी।
दवा का नाम- कायम चूर्ण
निर्माता: सेठ ब्रदर
मुख्य प्रयोग: कब्ज़
कायम चूर्ण क्या है?
कायम चूर्ण बहुत सी हर्बल चीज़ों को मिलाकर बनाया गया एक पाउडर है। इस चूर्ण का निर्माण गुजरात के भावनगर में होता है। इस चूर्ण में सबसे ज्यादा मात्रा में, 50% सनाय की पत्तियां होती है। अब आप सोचेंगे कि सनाय क्या है तो हम आपको बताते है।
सनाय
बंजर भूमि में उगने वाला ये पौधा दस्तावर प्रभाव लिए होता है। कब्ज को दूर करने वाली ज्यादतर दवाओं में इसका प्रयोग किया जाता है।इसके अलावा इसे चर्म रोगों, पीलिया, अस्थमा, मलेरिया, बुखार, अपच आदि में भी प्रयोग किया जा रहा है ।
इसका प्रयोग कभी भी 6 साल से कम उम्र के बच्चो के लिए नही करना चाहिए। डॉक्टर से सलाह लेकर ही इसका प्रयोग करे क्योंकि इससे आंत्र रुकावट अल्सरेटिव कोलाइटिस जैसी समस्या हो सकती है।
कायम चूर्ण खाने के फायदे-Kayam Churna Benefits In Hindi
यदि आपको बहुत ही कठोर मल हो रहा है, तो कायम चूर्ण लेने से यह समस्या धीरे धीरे खत्म हो जाएगी।
कई-कई दिन तक पेट साफ न हो रहा हो, तो रोज रात को सोने से पहले इसका प्रयोग करे फायदा होगा।
मल त्यागते समय बहुत जोर लगाना पड़ रहा हो जिससे गुदा छिल कर, खून तक बहने लगा हो। तो तुरन्त खानपान पर ध्यान दे। मसालेदार खाना बंद करें। सुपाच्य भोजन के साथ कायम चूर्ण का सेवन करे।
पेट में भारीपन महसूस हो तो सुबह नाश्ते के आधे घण्टे बाद कायम चूर्ण का सेवन करे।
गैस, भूख न लगना जैसी समस्याओ में कायम चूर्ण तुरन्त असर दिखाता है।
मुंह के छालें जो कब्ज़ के कारण हैं वो भी कब्ज खत्म होने के साथ खत्म हो जाते है।
शरीर में ज्यादा पित्त होने पर भी कायम चूर्ण फायदा करता है।
सरदर्द
यदि समय रहते कब्ज के हल्के लक्षणो का इलाज न किया जाए तो स्थिति गम्भीर हो सकती हो और आपको बवासीर, फिस्टुला जैसी दिक्कत हो सकती है जो बहुत ही पीड़ादायक है।
कायम चूर्ण का सेवन कैसे करें-How To Take Kayam Churna
वयस्क: 3 से 6 ग्राम या 1/2- 1 चम्मच, सोते समय गुनगुने पानी के साथ।
कायम चूर्ण के साइड इफेक्ट
कायम चूर्ण को लगातार न ले ,इससे इंटेस्टाइन का पेरिस्ताल्टिक मूवमेंट प्रभावित होता है। सीधे शब्दों में कहे तो नियमित लेने से पेट को इसकी आदत हो जाती है।
ये आंतो को कमजोर कर सकता है।
पेट दर्द, दस्त और शरीर में पानी की कमी हो सकती है। नियमित उपयोग से स्पर्म और क्वालिटी पर फर्क पड़ सकता है।
इसके अलावा ऐंठन, चक्कर आना भूख में कमी, मांसपेशी में कमज़ोरी, आंखों या होंठों में सूजन त्वचा पर चकत्ते जैसे साइड इफ़ेक्ट हो सकते है।
कुछ लोगो को शिकायत रहती है कि उन्हे खाना खाने के बाद उल्टी होती है। दरअसल उल्टी होना कोई बीमारी नहीं हैं बल्कि एक प्रक्रिया हैं जो कि कुछ कारणों से होती हैं। खाना खाते ही उल्टी होना कई कारणो से हो सकता है। ये कारण उम्र और स्थिति के अनुसार बदलते हैं जहां हर किसी को इससे संबंधित एक अलग समस्या का सामना करना पड़ता है। फूड पॉइजनिंग, मिल्क एलर्जी, ओवरईटिंग, अपच, गैस्ट्राइटिस या अल्सर आदि के कारण खाना खाने के बाद उल्टी होती है या होने की संभावना हो सकती है। अक्सर पेट में जलन हो जाता है। यह किसी सामान्य वायरस या अन्य किसी संक्रमण के कारण भी हो सकता है। इससे पेट में एक ऐंठन के साथ-साथ दर्द होने लगता है। यह उल्टी होने के कारण हो सकता है। पेट दर्द के कारण उल्टीऔर दस्त हो सकती है।
उल्टी का घरेलू इलाज-Ulti Ka Ilaj
वोमिटिंग रोकने के उपाय
लौंग से उल्टी का इलाज
दो लौंग पानी में उबालकर ठण्डा करके पीने से उल्टी की समस्या में बहुत अच्छा लाभ होता है। या दो चार लौंग लेकर दांतो के नीचे दबा लें और इसका रस चूसते रहें। इसका स्वाद उल्टी को तुरंत रोकने में कारगर होता है। आप लौंग और दालचीनी का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं।
लौंग
दालचीनी
दालचीनी भी उल्टी को रोकने के लिए इस्तेमाल की जाती है। इसके लिए आप एक कप पानी में एक छोटा चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाएं और इसे अच्छे से उबाल लें। इसे पीने से उल्टी रुक जाती है। दिन भर में इसका दो से तीन बार सेवन करें। गर्भावस्था में दालचीनी का इस्तेमाल न करें।
तुलसी से उल्टी का घरेलू इलाज
तुलसी का रस निकालकर पीने से उल्टी में बहुत जल्दी आराम होता है। तुलसी की पत्तियों के रस में शहद मिलाकर भी पी सकते हैं। खाना खाने के बाद उल्टी होना तो तुलसी के बीजों को शहद में मिलाकर खूब चबा चबा कर खाने से बहुत अच्छा लाभ मिलता है। इसका कोई साइडइफेक्ट नही है।
पुदीना से उल्टी का घरेलू इलाज
पुदीने के पत्तों को नींबू के रस में भिगोकर खाने से खाना खाने के बाद उल्टी होना रुक जाता है। या उल्टी आने पर पुदीने की चाय बनाकर पी लीजिए या फिर केवल उसकी पत्ती को चबाइए। उल्टी से तुरंत राहत मिल जाएगी।
करीपत्ता करेगा खाना खाने के बाद उल्टी आना बंद
करीपत्ते को खूब चबा चबा कर खाने से भी जी साफ होता है और उल्टी से आराम मिलता है।
वोमिटिंग रोकने के उपाय है नीबू
एक गिलास पानी में एक नींबू निचोड़ लें। इसमें चीनी और नमक मिलाकर थोड़ी-थोड़ी देर बाद पीते रहें। अगर आप पानी उबालकर ठंडा करके पिएंगे तो यह ज्यादा फायदेमंद रहेगा।
प्याज है उल्टी की दवा
प्याज भी उल्टी को रोकने में बहुत मदद करता है। एक चम्मच प्याज का रस लें। इसमें एक चम्मच अदरक पीसकर मिला लें। इसका प्रयोग थोड़ी-थोड़ी देर बाद करते रहें।
उल्टी रोकने के उपाय है काली मिर्च
अगर जी मिचला रहा है, या उल्टी आ रही है, तो चार दाने काली मिर्च लेकर चूसें। उल्टी में आराम मिलता है। 5-6 काली मिर्च लेकर करेले के पत्ते के रस में मिला लें। इसे पीने से भी उल्टी बंद हो जाती है।
चावल करेगा उल्टी का घरेलू इलाज
चावल के पानी को लावा या मांड निकाल लिजीऐ। इसमें शहद और चीनी मिलाएं। इसी के बराबर मूंग की दाल का काढ़ा बनाएं, और मिला लें। इसको दिन में दो-तीन बार लेने उल्टी मे आराम मिलता है।
उल्टी का घरेलू इलाज है अदरक
अदरक और नींबू के रस की मात्रा बराबर मात्रा में डालकर रस तैयार कर लें। यह उल्टी का घरेलू इलाज है। अदरक और प्याज का रस एक चम्मच मिलाकर पिएं। इससे उल्टी में लाभ होता है। एक चम्मच अदरक के रस में थोड़ा-सा सेंधा नमक, और काली मिर्च का पाउडर मिलाकर पीने से भी उल्टी आनी बंद हो जाती है।
नीम करेगा खाना खाने के बाद उल्टी आना बंद
20 ग्राम नीम के कोमल पत्ते लेकर पीस लें। इसे एक गिलास पानी में डालें। इसे थोड़ा-थोड़ा करके थोड़ी-थोड़ी देर बाद पीने से हर एक प्रकार की उल्टी बंद हो जाती है। नीम की छाल का रस निकालकर शहद के साथ पीने से भी उल्टी में बहुत आराम मिलता है।
कलौंजी है वोमिटिंग रोकने के उपाय
आधा चम्मच कलौंजी का तेल, आधा चम्मच अदरक का रस मिलाकर उल्टी वाले रोगी को पिलाएं। इसका प्रयोग सुबह-शाम दोनों वक्त कर सकते हैं।
उल्टी रोकने के उपाय है अजवाइन
अजवाइन, देसी कपूर और पुदीना के फूल के 10-10 ग्राम की मात्रा को अच्छी तरह मिलाकर, एक कांच की बोतल में डालेंं। इसे धूप में रख दें। थोड़ी देर में वह पिघलकर रस बन जाएगा। इसकी 3-4 बूंदें उल्टी वाले रोगी को दें। इसका दिन में एक या दो बार प्रयोग कर सकते हैं। उल्टी को रोकने में बहुत उपयोगी है।
धनिया करेगा उल्टी का घरेलू इलाज
हरी धनिया का रस निकालें। इसमें थोड़ा-सा सेंधा नमक, और एक नींबू डालकर पीने से उल्टी में तुरंत लाभ होता है। आधा चम्मच धनिया का पाउडर, आधा चम्मच सौंफ का पाउडर एक गिलास पानी में डालें। इसमें थोड़ी-सी चीनी या मिश्री घोल कर पीने से उल्टी आनी बंद हो जाती है।
उल्टी की दवा है अनार का जूस
अनार का जूस निकालकर पिलाने से उल्टी बंद हो जाती है। अनार के दानों को पीस लें। इसमें थोड़ी-सी काली मिर्च और नमक मिलाकर खाने से बहुत ही लाभ मिलता है।
गिलोय है उल्टी रोकने के उपाय
गिलोय के रस में मिश्री मिलाकर दो चम्मच रस पिएं। इसका प्रयोग दिन में तीन बार कर सकते हैं। इससे उल्टी आनी बंद हो जाएगी। गिलोय का काढ़ा बनाकर भी पी सकते है।
टमाटर करेगा खाना खाने के बाद उल्टी आना बंद
एक पका हुआ टमाटर लें। उसमें चार छोटी इलायची, और 5-6 काली मिर्च को कूटकर टमाटर का रस मिला दें। उसको अच्छी तरह से घोलकर उल्टी वाले व्यक्ति को पिला दें। यह नुस्खा उल्टी रोकने में तुरंत लाभ करता है।
एप्पल साइडर विनेगर करेगा उल्टी का घरेलू इलाज
1 चम्मच शहद और 1 चम्मच एप्पल साइडर विनेगर को एक गिलास पानी में मिला लें। इसे पिएं। इस उपचार को तब तक सेवन करें, जब तक आपकी उल्टी ना बंद हो जाऐ।
अलसी के बीज से उल्टी का इलाज
अलसी के बीजों को पीस लें। इसमें गुनगुना पानी डालकर कुछ देर के लिए रख दें। कुछ देर के बाद पानी को छानकर अलसी को अलग कर दें। इस मिक्चर का सेवन करें। इसका सेवन आप दिन में दो बार कर सकते हैं।
सौंफ से उल्टी का इलाज
दिन में कई बार सौंफ चबाना उल्टी में बेहद फायदेमंद है। यह मुंह के स्वाद को बदलने के लिए भी प्रयोग किया जाता है। इसे खाने के बाद उल्टी से काफी राहत मिलती है।
आजकल बाल झड़ने की समस्या आम हो गई है जिसके कई कारण है जैसे-गलत खान-पान, कामिकल यूक्त शैम्पू, हेयरकलर, आदि। लेकिन कभी कभी झड़े हुऐ बालो की जगह नऐ बाल नही आते। लेकिन आप घबराईये नही आपके बाल दोबारा उग सकते हैं और पहले जैसे घने भी हो सकते हैं। बस जरूरत है तो बालों की नियमित देखभाल की। आईये जानते है बाल उगाने के विधि के बारे मे
बालों को उगाने के तरीके-Bal Ugane Ke Tarike
ग्रीन टी बालों के लिए
सिर पर बाल उगाने के लिए ग्रीन टी का प्रयोग करे इसके लिए ग्रीन टी की दो बैग लें और इसे एक कप पानी में मिलाएं, फिर इसे अपने सिर पर लगाएं। एक घंटे बाद बालों को धो लें। ग्रीन टी में एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो बालों को झड़ने से रोककर उन्हें उगाने में मदद करते हैं
बालों के लिए मसाज
हेयर मसाज, बाल उगाने की सरल विधि है। स्कैल्प की अच्छी तरह मालिश करने से बालों के आसपास के सभी रोमछिद्र में अच्छे से रक्तसंचार होने में सहायता मिलती है, और बालों को उगाने मे मदद मिलती है। अपनी उंगलियों को बालों में गोलाकार घुमाते हुए स्कैल्प की अच्छी तरह मालिश करें। नये बालों को उगाने के लिए स्कैल्प में सभी जगह रक्त प्रवाह को बढ़ाने की जरूरत होती है। जब भी आप बाल धोते हैं, तब अपने स्कैल्प की मालिश करने की आदत डाले।
बालों की ग्रोथ के लिए तेल मालिश
तेल मालिश भी एक अच्छा विकल्प है। साधारण मालिश करने के मुकाबले तेल मालिश करने से रक्त प्रवाह अच्छी तरह होने में मदद मिलती है। तेल से बालों के रोमछिद्र खुल जाते हैं और नए बाल उगने में मदद मिलती है। सप्ताह में एक या दो बार अपने स्कैल्प की तेल मालिश करे। स्कैल्प की तेल मालिश करने का तरीका आसान होता है, बस थोड़ा सा तेल ले और उसके कॉटन की या हाथ की उंगलियों की मदद से जड़ो में लगाए और धीरे धीरे सर्कुलर मोशन में मसाज करे, ये काम आपको बाल धोने से पहले या एक रात पहले करना है, क्योंकि ऐसा करने से बाल धोते वक्त लगाया तेल बालों से निकल जाता है, और बालो को पोषण मिलता है, और सिर में ब्लड सिक्युलेशन भी बढ़ जाता है जो की नए बाल उगने में मदद करता है ।
बालों की ग्रोथ के लिए हेयर मास्क
बालों की ग्रोथ के लिए हेयर मास्क
एक अच्छा हेअर-मास्क के दो फायदे हैं, एक बालों को नमी देने में और दूसरा बालों को स्वस्थ रखकर उनको घना बनाने में। अत्यन्त रूखे बालों के लिए शहद, अंडे का सफेद हिस्सा और आर्गन तेल को समान मात्रा में मिलाकर बालों की ग्रोथ के लिए हेयर मास्क बनाए। साधारण बालों के लिए शहद, ऐलो और ज़ैतून का तेल समान मात्रा में मिलाकर मास्क बनाऐ। तैलीय बालों के लिए शहद, ऐपल साइडर विनेगर, और अरंडी का तेल को समान मात्रा में मिलाकर हेयर मास्क बनाऐ। 15 मिनट तक पूरे बालों के साथ पूरे स्कैल्प को ढंकते हुए मास्क लगाए, फिर अपने बालों को हमेशा की तरह शैम्पू कर लें।
एसेन्शियल ऑयल
ऐसे कुछ तेल जो रक्त प्रवाह को बढ़ाते हैं और बालों को घना बनाते हैं। आप अपने ऑयल ट्रिटमेन्ट, मास्क और शैम्पू इन तीनो मे एसेन्शियल ऑयल की कुछ बूंदें डालने से आपके स्कैल्प को स्वस्थ रखने में मदद मिलेगी। ये कुछ एसेन्शियल ऑयल है। इनमे से किसी एक तेल की 5 बूंदें को ऑयल ट्रिटमेन्ट, मास्क और शैम्पू में मिलाकर उसका प्रयोग कर सकते है। यह बाल उगाने मे मदद करते है लैवेंडर, टी ट्री ऑयल, देवदार की लकड़ी,आर्गन ऑयल,रोजमेरी और नारियल तेल।
बालों की ग्रोथ के लिए शैम्पू का प्रयोग
सल्फेट और रूखे सामग्री शामिल वाले शैम्पू का इस्तेमाल न करें व्यावसायिक रूप से उत्पादित शैम्पू मुख्य सफाई के लिए सल्फेट का इस्तेमाल करते हैं। सल्फेट बालों से प्राकृतिक तेल को निकाल लेता है और बालों को शुष्क और नाज़ुक बना देता है। इससे बाल झड़ते और टूटते हैं। जब आप सौम्य, प्राकृतिक शैम्पू का इस्तेमाल करते है तो आपके बालों को स्वस्थ और मजबूत बनाते है।
गर्म तेल की मालिश
बालों को उगाने के लिए हॉट हेयर ऑयल मसाज भी बहुत फायदेमंद है। ऑलिव, कोकोनट, कैनोला ऑयल को हल्का गर्म करें, इस तेल से सिर पर धीरे-धीरे मसाज करें। इन्हे बालों में लगाने के बाद चार घंटे तक छोड़ दें, फिर बालों को धो ले।
नीम और एलोवेरा
कुछ औषधियां जैसे नीम और एलोवेरा भी बालों के लिए हेल्दी ऑप्शन है. दरअसल, नीम और एलोवेरा जीवाणुरोधी होते हैं, जो बालों को उगाने में सहायक होते हैं। इसका मास्क भी बालों में लगाया जा सकता है. बालों के झड़ने की समस्या से निजात के लिए भी एलोवेरा जेल का भी प्रयोग कर सकते है।
प्रोटीन
बालों को उगाने के लिए प्रोटीन का सेवन करना चाहिए यदि पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन का सेवन नही करते है तो बालों के झड़ने की समस्या होने लगती है। इसलिए रोजाना के आहार में प्रोटीन जरूर शामिल करें, इससे भी बाल घने और मजबूत बनते हैं। प्रोटीन के लिए आहार में ताजे फल, हरी सब्जियां, मीट, डेयरी प्रोडक्ट, सी फूड आदि लें सकते है।
बालों में तेल कब और कैसे लगाएं?
बालो मे तेल हमेशा रात मे लगाऐ और अगली सुबह धो ले।अपनी उंगलियों को तेल मे डुबोकर बालो के हिस्से कर के सिर पर हल्के हाथो से पूरे सिर पर लगाऐ और थोड़ी देर मसाज करे।
इंदुलेखा तेल कैसे लगाया जाता है?
इंदुलेखा हेयर ऑयल के साथ आने वाली कंघी की मदद से लगाया जाता है ये कंघी तेल को बालों की ज़ड़ों तक पहुंचता है।
बालों के लिए कौन सा तेल सही है?
बालो के लिए सबसे अच्छा कैस्टर आयल होता है। यह बालो को घना करता है।
बादाम में कई विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं। बादाम विटामिन ई, कैल्शियम, जिंक, मैग्नीशियम और ओमेगा 3 फैटी एसिड का स्त्रोत है। जैसा की हम जानते है कि बादाम खाने के फायदे बहुत होते है। बादाम के खाने से दिमाग तेज होता है यह तो सभी जानते है, लेकिन बादाम खाने के तरीके को लेकर हमेशा मतभेद बना रहता है। किसी का कहना है इसे छिलके के साथ खाना चाहिए। तो किसी किसी का कहना है कि इसे भिगोने के बाद छिलका उतारकर ही खाना चाहिए। अलग-अलग लोगो की अलग अलग बातें सुनकर अक्सर कंफ्यूजन हो जाती है कि आखिर बादाम खाने का सही तरीका क्या है? आईये जानते है-
छिलकेयुक्त बादाम और सूखे बादाम खाने के फायदे
सूखे बादाम खाने से इन्हें पचाने मे हमारी आंतों को थोड़ी मेहनत ज्यादा करनी पड़ती है। इससे हमारे खून में पित्त की मात्रा बढ़ती है। बादाम के छिलके में टैनिन नाम का एक एंजाइम पाया जाता है। यह एंजाइम बादाम के पोषक तत्वों को शरीर में पूरी तरह अवशोषित नहीं होने देता है इसलिए हमे बादाम का सेवन हमेशा उसका छिलका उतारने के बाद ही करना चाहिए। और ये ही बादाम खाने का सही तरीका है ।
बादाम
भीगे बादाम खाने का तरीका
वहीं जब बादाम को लोग भिगो कर खाते है तो खाने से पहले इनके छिलके निकाल लेते है। जिससे इनका सारा पोषक तत्व शरीर को मिल जाता है और इन्हें पचाने में भी आसानी होती है। और भीगे बादाम खाने से दिल की सेहत भी अच्छी रहती है। ये बेहतरीन एंटीऑक्सिडेंट का काम करते हैं। बादाम खाने का तरीका यही है कि रातभर पानी में भिगोकर रख दें और सुबह छिलका उतार कर खाऐ। रातभर भिगोने से बादाम का छिलका आसानी से उतर जाता है। भिगोए हुए बादाम में मोनोसेच्युरेटेड फैट मौजूद होता है जो व्यक्ति के शरीर की चर्बी को कम करने का काम करता है। अगर बादाम को रातभर गुनगुने पानी मे भिगोया जाय तो यह और बढिया होता है।
क्या खाली पेट बादाम खा सकते है?
सूखे बादाम को खाली पेट खाने से शरीर में पित्त दोष बढ़ सकता है और पाचन से संबंधित समस्या भी हो सकती है। रात भर भिगोय हुए बादाम को सुबह आप छीलकर खाली पेट खा सकते है।
बादाम के फायदे-Badam Ke Fayde
बादाम खाने से लिवर कैंसर का खतरा कम होता है क्योंकि इसमें विटामिन ई काफी मात्रा में होता है।
बादाम में मौजूद विटामिन ई अधिक उम्र में आंखों और दिल को होने वाले नुकसान से बचाने में भी मददगार होती है।
बादाम का सेवन करने से डायबिटीज से बचाने और कोलेस्ट्रोल के स्तर को कम करने में भी मदद मिलती है।
एक अध्ययन की मानें तो हर रोज एक मुट्ठी बादाम खाकर आप कुछ ही दिनों में कई किलो वजन कम कर सकते हैं। भीगे बादाम में विटामिन B17 और फोलिक एसिड भी पाए जाते हैं, जो कैंसर से सुरक्षित रखने में मददगार हैं।
हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं ‘बाल’। हर व्यक्ति खूबसरत, मुलायम और घने बाल चाहता है। खासकर महिलाओं को तो लंबे बाल बहुत ज्यादा पसंद होते हैं, क्योंकि लंबे – घने बालों से उनकी सुंदरता और आत्मविश्वास दोनों ही बढ़ जाते हैं। परन्तु आजकल धूप, गर्मी, धूल, प्रदूषण और अनियमित दिनचर्या की वजह से बाल झड़ने और जल्दी वृद्धि होने की समस्या आम हो गई है। ऐसे में बालों की सफाई रखना बहुत जरूरी होता है ताकि बालों में धूल और गंदगी जम ना पाए।
आजकल सब लोग कई मार्केट में मिलने वाले अलग अलग कंपनियों के शैम्पू यूज करते हैं ताकि उनकी परेशानी कम हो सके, लेकिन बिना जानकारी लिए यूज करने के कारण उनकी प्रॉब्लम और बढ़ जाती है। हम इस आर्टिकल में आज आपको बताने जा रहे हैं कि बाल लम्बे करने का शैम्पू कौन से अच्छे है।
बाल लंबे करने का शैंपू -Bal Lambe Karne Ka Shampoo
बाल बढ़ाने का शैम्पू -त्रिचप कम्पलीट हेयर केयर शैम्पू
ये एक हर्बल शैंपू है तो इसमें केमिकल्स नहीं है। ये बहुत बेहतर शैंपू है और आपके बालों में होने वाली कई प्रकार की समस्याओं जैसे – जड़ों में खुजली होना, रूखापन, बाल गिरना आदि से मुक्ति दिलाता है।
ये शैंपू अंदर तक जाकर सफाई करता है और पोषक तत्व प्रदान करता है। यह बाल लंबे करने में और नए बाल उगाने में बहुत उपयोगी है। अगर इसे त्रिचप ऑयल के साथ उपयोग करेंगे तो और अधिक बेहतर रिजल्ट मिलेंगे।
बाल लम्बे करने का शैम्पू-बायोटिक बायो केल्प फ्रेश ग्रोथ प्रोटीन शैम्पू
बाल बढ़ाने के लिए ये काफी अच्छा शैम्पू है और बहुत पसंद भी किया जा रहा है। बायोटिक के सभी प्रोडक्ट्स नेचुरल तरीके से बनाए जाते हैं। इसमें नुकसान पहुंचाने वाले तत्व या केमिकल्स नहीं है। इसमें आंवला और नीम है जो बालों को साफ करके उनकी ग्रोथ करते हैं।
इस शैंपू में पिपरमेंट का ऑयल भी है जिससे आराम मिलेगा। ये महंगा भी नहीं है। ऑयली और रूखे दोनों प्रकार के बालों में इसे युज किया जा सकता है।
आंवला
बाल बढ़ाने का शैम्पू-विची डेक्रोस एनर्जाइजिंग एंटी हेयर लोस शैम्पू
यह काफी अच्छी कम्पनी है और स्किन व हेयर प्रोडक्ट्स बनाती है। ये शैम्पू बाल गिरने से रोकता है। इसमें एक खास तत्व एमिनेक्सिल होता है जिससे बाल गिरना तुरंत ही कम हो जाते हैं।
ये बालों का प्राकृतिक रंग बरकरार रखता है। ये अच्छे से गंदगी निकलता है और साथ ही इसकी महक भी मनमोहक है। इसमें बाल बढ़ाने में सहायक विटामिन्स B5 or B6 भी हैं। इसकी कीमत कुछ ज्यादा है पर परिणाम बहुत अच्छे हैं।
बाल लम्बे करने का शैम्पू-ओजीएक्स ऑर्गेनिक्स मॉइस्चर + विटामिन-बी 5 शैम्पू
ये शैंपू बालों की कई प्रकार की परेशानियों से छुटकारा दिलाता है। इसमें कई ऐसी विटामिन्स होती है जिनसे बालों की ग्रोथ होती है। इसका यूज करने से बाल कम उलझते हैं और सॉफ्ट सिल्की भी बनते हैं। यह केमिकल रहित है और सभी प्रकार के बालों में उपयोग किया जा सकता है।
ये कहीं भी ले जाया जा सकता है और एक खास बात है कि इसे थोड़ा सा ही यूज करना पड़ता है तो लंबे समय तक चल जाता है।
बाल बढ़ाने का शैम्पू-वीएलसीसी नैचुरल साइंस सोया प्रोटीन कंडीशनिंग शैम्पू
इस शैंपू में विटामिन्स और प्रोटीन पाए जाते हैं तो ये बालों को लंबा, घना और मजबूत बनाता है। इसमें आलमंड ऑयल व सोया प्रोटीन है जो जड़ों में अंदर जाकर असर दिखाते हैं। इसके अलावा ये शैम्पू हल्दी के गुणों वाला है तो कीटाणुओं को भी खत्म करता है।
ये बालों की ठीक से सफाई और देखभाल करता है। ये नेचुरल चीजो से बना हुआ है इसलिए बाल ड्राई नहीं होते हैं। इसकी सुगंध अच्छी है और कीमत भी ज्यादा नहीं है। बाल तैलीय हों या सूखे दोनों में उपयोग किया जा सकता है।
बाल लम्बे करने का शैम्पू-पतंजलि केश कांति शैम्पू
पतंजलि एक हर्बल प्रोडक्ट्स बनाने वाली ब्रांड है। आजकल इसके प्रोडक्ट्स बहुत पसंद किए जा रहे हैं। ये शैंपू बालों को लंबा और मुलायम बनाने में सहायक है। ये पूरी तरह से केमिकल रहित है। आपको ये आसानी से उपलब्ध हो जाएगा।
पतंजलि शैंपू बालों में से गंदगी को साफ करके उनमें नई चमक लता है और उन्हें झड़ने से बचाता है। इसमें कई प्रकार की जड़ी बूटियां जैसे रीठा, नीम, हल्दी, आंवला, शिकाकाई और भृंगराज इत्यादि हैं जिनसे बालों को पूरा पोषण और अच्छी सफाई मिलती है।
इनमें से किसी भी शैंपू का उपयोग आप के सकते हैं। ये सभी आपके बालों की देखभाल करेंगे और उन्हें लंबा और घना बनाकर आपको पहले से ज्यादा खूबसरत बना देंगे।
आज कल बाजार मे चहरे के रख रखाव के लिए कोसमेटिक क्रीम, फ़ेसवॉश, फ़ेसपेक आदि बहुत बहुत से प्रोडक्ट्स मिल जाते है। ये ज्यादातर प्रोडक्ट्स केमिकल बेस्ड होते है लेकिन कुछ प्रोडक्ट्स नेचुरल इंग्रेडिएंट्स से बने होते है। ऐसे में कोई भी प्रोडक्ट खरीदने और इस्तेमाल करने से पहले उस के फायदे और उसे इस्तेमाल करने का तरीका जान लेना बहुत जरुरी है। फेस केयर और स्किन केयर की रेंज में एक प्रोडक्ट जो ज्यादातर लोग इस्तेमाल करते है वो है पतंजलि एलोवेरा जेल। पतंजलि एलोवेरा जेल पूरी तरह से नेचुरल है, पतंजलि एलोवेरा जेल का उपयोग चहरे को किसी तरह का नुकसान नही पहुचाता है।
आप इसे फ़ेस पर आने वाले दाग-धब्बों, डार्क सर्कल, निखार लाने मे काम मे ले सकते है। कई बार आपके हेवी मेकअप से आपका फ़ेस रूखा हो जाता है। आप इसकी मदद से मेकअप हटा भी सकते है। साथ ही साथ नमी भी बनी रहती है।
पतंजलि एलोवेरा जेल कैसे लगाएं
पतंजलि एलोवेरा जेल खास तोर पर चहरे के रख रखाव के लिए बनाया है। यह एक चिप चिपा जेल की तरह होता है। एलोवेरा का चेहरे पर उपयोग खास तोर पर कील मुहासों, सनबर्न, निखार, चेहरे की नमी को बनाए रखने, डार्क सर्कल को हटाने, मेकअप हटाने के आदि के लिए किया जाता है।
पतंजलि एलोवेरा जेल के फायदे और नुकसान-Patanjali aloe vera gel ke fayde
चेहरे पर पतंजलि एलोवेरा जेल के लाभ ही इतने हैं, जिसके कारण लोग इसे ज्यादा काम मे लेते है। चलिये जानते है इसके खास तोर पर क्या क्या फायदे है।
पतंजलि एलोवेरा जेल को चेहरे पर होने वालो कील मुहासों को ठीक करने, चेहरे पर निखार के लिए, चेहरे के टेक्सचर, चेहरे की नमी के लिए फायदेमंद है।
पतंजलि एलोवेरा जेल सनबर्न की समस्या का एक समाधान है।
पतंजलि एलोवेरा जेल मे पाये जाने वाले एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण जो सूजन को कम करने मे काम आती है।
इसे बालो को मुलायम बनाने के लिए भी काम मे लिए जाता है। एलोवेरा
पतंजलि एलोवेरा जेल का उपयोग – पतंजलि एलोवेरा जेल लगाने का तरीका
पतंजलि एलोवेरा जेल का उपयोग बहुत से महिलाए व आदमी भी करते है। पतंजलि एलोवेरा जेल का उपयोग बहुत तरीको से किया जाता है। चलिये जानते है, हम इसे कैसे काम मे ले सकते है।
कील मुहासों व दाग धब्बे-Aloe Vera Gel Ke Fayde
गर्मी के वजह से फ़ेस पर छोटे छोटे कील मुहासे निकल आते है। बाद मे उनके निशान दाग धब्बे के रूप मे रह जाते है। इसके लिए पतंजलि एलोवेरा जेल को कील मुहासों को कम करने के लिए उपयोग मे लिया जाता है।
चोट के घाव-Patanjali Aloevera Gel Uses
कई बार बच्चों के खेल के समय छोटी मोटी चोट लग जाती है। बच्चों की इस चोट व घाव को ठीक करने के लिए को ठीक करने के लिए पतंजलि एलोवेरा जेल एक एंटी सेप्टिक क्रीम की तरह लगा सकते है। इसका एक सुरक्षित क्रीम की तरह उपयोग किया जाता है।
चहरे पर नमी के लिए-Aloe Vera Gel Ke Fayde
कई बार फ़ेस पर ज्यादा मेकअप हो जाने पर इससे मेकअप को बिना फ़ेस पर रूखेपन लाये हटाने के लिए पतंजलि एलोवेरा जेल का उपयोग किया जाता है। फ़ेस का मेकअप भी आसानी से हट जाता है। साथ ही साथ चहरे पर नमी बनी रहती है।
एलोवेरा का चेहरे पर उपयोग-Aloe Vera Uses For Face In Hindi
बहुत से लोग अपने फ़ेस को हर रोज एक जैसा बनाए रखने के लिए पतंजलि एलोवेरा जेल का उपयोग ज्यादा करते है। इससे फ़ेस का निखार बना रहता है। फ़ेस पर ग्लो बना रहता है। इसलिए एलोवेरा का चेहरे पर उपयोग करना सही भी है।
शेविंग के बाद-Aloe Vera Gel Ke Fayde
पतंजलि एलोवेरा जेल का उपयोग ज्यादातर आदमी शेविंग के समय गलती से कट लग जाता है। जिससे वजह से खून निकाल आता है।शेविंग से आये कट व खून को रोकने के लिए पतंजलि एलोवेरा जेल का उपयोग आदमी करते है।
डार्क सर्कल-Aloe Vera Uses For Face In Hindi
उम्र के साथ चहरे पर व आंखो के नीचे डार्क सर्कल यानि की काले दाग से बन जाते है। इन डार्क सर्कल को कम करने के लिए महिलाए पतंजलि एलोवेरा जेल का उपयोग करती है।
यह डार्क सर्कल को कम करता है। इसे फ़ेस क्रीम की तरह काम मे लिया जा सकता है, ताकि डार्क सर्कल कम हो सके।
पतंजलि एलोवेरा जेल बालों के लिए -Aloe Vera Ke Fayde Balo Ke Liye
अलग अलग तरह के तेल, शैम्पू के काम मे लेने के बाद भी महिलाओ के बल रूखे, रफ हो जाते है। जिससे बाल बनाते समय बहुत से बाल टूट जाते है। इसलिए बालो को मुलायम बनाने ताकि बाल बनाते समय कंगे मे फस कर टूट नही इसके लिए अरंडी और सरसों मिलाकर पैक बनाकर बालो मे लगा सकते है।
बाद मे इसे शैम्पू से धो ले। बाल मुलायम व सिल्की हो जाएगे।
बिग बॉस के तेहरवे सीजन में तीन सबसे चर्चित जोड़ियों में से एक हिमांशी खुराना और आसिम रियाज की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया। शो में आसिम ने बड़े ही रोमांटिक अंदाज में सबके सामने हिमांशी को प्रपोज किया। जबकि घर के अंदर ये कयास लगाए जा रहे थे कि बाहर आते ही ये रिश्ता टूट जायेगा। लेकिन शो खत्म होने के बाद दोनों ने खुलासा किया कि वो रिलेशनशिप में हैं। दोनों बिग्ग बॉस के घर से बाहर आने के बाद एक साथ कई वीडियो सांग्स कर चुके है। सब कुछ ठीक चल ही रहा था कि खबर आयी कि आसिम रियाज और हिमांशी खुराना का ब्रेकअप हो गया है।
ये चर्चा हिमांशी के एक ट्वीट की वजह से हुई जिसमे हिमांशी ने लिखा- ‘कोई भी हमें साथ में नहीं देखना चाहता है।’ इसके साथ ही टूटे हुए दिल का इमोजी बना हुआ है। हिमांशी के इस ट्वीट पर आसिम रियाज का जवाब आया है। उन्होंने इस ट्वीट के कमेंट में लिखा।
आसिम ने हिमांशी के ट्वीट पर जवाब देते हुए लिखा है, ‘हिमांशी मैं हमेशा तुम्हारे साथ हूं। कोई मतलब नहीं है वो क्या कहते हैं या क्या करते हैं।’ आसिम के इस ट्वीट के बाद साफ हुआ कि अभी भी दोनों का रिश्ता कायम है।
himanshi khurana
इसी सब के चलते हिमांशी खुराना और आसिम रियाज के बीच मन-मुटाव चल रहा है। अब आसिम को मनाने के लिए हिमांशी खुराना ने निकाह का जोड़ा पहना और उन्होंने आसिम को रमजान की शुभकामनाएं दी। हिमांशी ने अपनी ये तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की है। आसिम को भी हिमांशी का ये अंदाज काफी पसंद आया और अपनी नाराजगी को साइड में रखकर उन्होंने हिमांशी की सोशल मीडिया पर तारीफ कर दी। आसिम ने हिमांशी की तस्वीर पर लिखा स्टनिंग।
कैल्शियम हमारे शरीर में प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला खनिज है। यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत उपयोगी और लाभदायक है। कैल्शियम एक रासायनिक तत्व है जो मनुष्यों सहित जीवित जीवों के लिए बहुत आवश्यक है। हमारी हड्डियों को मजबूत बनाने और मस्तिष्क के बाकी हिस्सों के साथ प्रभावी संचार बनाए रखने के लिए कैल्शियम की आवश्यकता होती है।
कैल्शियम की कमी से हमारे शरीर को बहुत प्रकार के नुकसान हो सकते हैं, और बीमारियां जकड़ सकती है इस लिए कैल्शियम की कमी को पूरा करना जरूरी है। कैल्शियम की कमी कैसे दूर करें, कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग और उनके इलाज के बारे में जानना आवश्यक है। जिस से हम कैल्शियम की कमी होने पर इसका उपचार कर सकें और गंभीर प्रकार के रोगों से बचाव कर सकें।
कैल्शियम की कमी के लक्षण और उपाय
कैल्शियम के आहार का भरपूर मात्रा में सेवन ना करना और कैल्शियम वाले पदार्थ का सेवन ना करने से इसकी कमी होना अवशक्यक है जिस से हड्डियों और मस्तिष्क का कमजोर होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। पोषक तत्वों की कमी होने की वजह से कैल्शियम की कमी हो सकती है। विटामिन डी, मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व की कमी होने से कैल्शियम की मात्रा में भी गिरावट आती है।
इसका एक कारण बढ़ती उम्र भी होती है जैसे जैसे व्यक्ति बजुर्ग अवस्था की और बढ़ता है तो शरीर में कैल्शियम की कमी होना शुरू हो जाता है।
यदि बच्चे को शुरुआत में गाय का दूध पिलाया जाता है, तो फास्फोरस की अधिक मात्रा के कारण बच्चे में कैल्शियम की कमी हो सकती है। जन्म के दौरान बच्चे को कैल्शियम युक्त आहार ना मिले तो भी इसकी कमी हो सकती है।
मजबूत नाखूनों के लिए कैल्शियम की आवश्यकता होती है। इसलिए आपके शरीर में कैल्शियम की कमी होने पर नाखून बहुत कमजोर हो जाते हैं और वे टूटने लगते हैं। यदि ऐसा होता है, तो समझें कि आपके शरीर में कैल्शियम की कमी है।
बालों का झड़ना
कैल्शियम की कमी के लक्षण दांतों पर भी दिखते हैं इस से दांत कमजोर हो जाते हैं और टूटने लगते हैं। मसूड़ों में दर्द होने लगता है। अगर इस प्रकार के लक्षण आप में दिखाई दे रहे हैं तो समझ जाएं कि कैल्शियम की कमी है।
मासिक धर्म मे गड़बड़ी हो रही है और अनियमित समय पर आ रहा है तो यह कैल्शियम की कमी का लक्षण हो सकता है।
यदि व्यक्ति हर समय थका हुआ महसूस करता है, तो वह कैल्शियम की कमी से गुजर रहा है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जब शरीर में हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द होता है, तब थकान शुरू होती है।
कैल्शियम की कमी होने पर व्यक्ति को ठीक से नींद नहीं आती और तनाव जाता है।
कैल्शियम की कमी को कैसे दूर करें घरेलू उपाय -कैल्शियम रिच फ़ूड
विटामिन डी यक्त पदार्थों का सेवन करना इसकी कमी पूरा करने का एक बढ़िया स्रोत है। कैल्शियम की कमी होने पर आपको धूप में बैठना और विटामिन डी देने वाले पदार्थों का सेवन करना जरूरी है।
कैल्शियम की कमी पूरा करने के लिए हमारे शरीर को मैग्नीशियम की भी जरुरत होती है। इसलिए हमें भोजन में ऐसे पदार्थो को भी लेना चाहिए, जिनसे हमें मैग्नीशियम की कमी पूरी हो।
कैल्शियम की कमी होने पर भोजन में यह सब्जियां शामिल करनी चाहिए। टमाटर, ककड़ी, मूली, मेथी, करेला, चुकन्दर, हरी पत्तेदार सब्जियां, अरबी के पत्ते, पालक आदि।
पपीते में बहुत सारा विटामिन सी होता है। शोध में पाया गया है कि जिन लोगों में विटामिन सी की कमी होती है, उनमें जोड़ों का दर्द आम है। इसलिए उन्हें नियमित रूप से पपीते का सेवन करना चाहिए, इस कैल्शियम की कमी को दूर किया जा सकता है।
आप कैल्शियम के लिए सूखे जड़ी बूटियों की मदद भी ले सकते हैं। अगर घर पर तुलसी के पत्ते या अजवाइन की पत्तियां या अजवाइन के बीज आसानी से मिल जाते हैं, तो हर दिन एक चम्मच का सेवन शुरू करें। आप इसे सलाद और सूप के साथ भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
कैल्शियम की कमी होने पर नियम से सात बादाम भिगोएँ और फिर उनका सेवन करें। भिगोने के बाद बादाम और भी अधिक पौष्टिक हो जाता है, जो बहुत फायदेमंद भी है।
यदि आप अपने भोजन में बहुत अधिक नमक खाते हैं तो इस को तुरंत कम कर दे क्योंकि नमक की ज्यादा मात्रा से भी कैल्शियम की कमी होती है।
कैल्शियम के अवशोषण में सोडा और सॉफ्ट ड्रिंक अच्छे नहीं हैं। इससे शरीर में फॉस्फेट की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे शरीर में कैल्शियम की मात्रा कम हो जाती है।
सामान्य प्रश्न
क्या कैल्शियम की कमी से बाल झड़ते हैं?
कैल्शियम की कमी से बाल तेजी से झड़ने लगते है।
क्या झड़े हुए बाल वापस आ सकते है?
हां इसके लिए संतुलित और पौष्टिक आहार लेना चाहिए। बालो की अच्छी देखबाल करना चाहिए। और कैमिकल यूक्त शैम्पू का प्रयोग नही करना चाहिए।
बालो का झड़ना कैसे रोक सकते हैं?
संतुलित आहार, नियमित तेल, बालो की कंडिशनिंग करके और तनाव से दूर रहकर बालो का झड़ना रोक सकते है।
दोस्तों आज हम बात करने वाले हैं एक बीमारी की जो कि एक मच्छर के काटने से होती है और अगर समय रहते कुछ बातों का ध्यान ना रखा जाए तो यह बीमारी हमारी सेहत के लिए बहुत हानिकारक साबित हो सकती है। यह बीमारी है ड़ेंगू बुखार की, ड़ेंगू बुखार मादा एडीज मच्छर के काटने से होने वाला एक गंभीर रोग है। आज इस लेख में हम जानेंगे की डेंगू बुखार में क्या खाना चाहिए।
डेंगू के लक्षण और उपाय
डेंगू के लक्षण आमतौर पर मच्छर के काटने के संक्रमण के तीन से चौदह दिन बाद शुरू होते हैं। तेज बुखार, सिरदर्द की शिकायत, उल्टी, मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में दर्द और त्वचा पर मुहासे आदि डेंगू के लक्षण हो सकते हैं। डेंगू बुखार का यदि सहीं समय रहते उपचार और इलाज नहीं किया जाये तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।
जैसा की आप सब जानते है की डेंगू वायरस पेशेंट के ब्ल्ड प्लेटलेट्स तेजी से घटाता है। ऐसे में मरीज को सही डायट मिलना बहुत जरुरी है। मरीज में डेगूं के लक्षण का पता चलते ही सही खानपान का धयान रखना चाहिए। मरीज की डाइट में ऐसी खाने पीने की चीजों को शामिल करे जो न केवल प्लेटलेटस तेजी से बढ़ाये बल्कि साथ साथ पचने में आसान हो और पौष्टिक हो। तो आइये जानते है की डेंगू के मरीज को क्या खाना चाहिए?।
डेंगू में क्या खाना चाहिए
क्या डेंगू में हल्दी वाला दूध पी सकते हैं?
हल्दी उतनी हल्की नहीं होती जितनी दिखती है। कई औषधीय गुणों के साथ हल्दी का उपयोग लगभग हजारों उपचारों में किया जाता है। हल्दी एंटीसेप्टिक से भरपूर होती है। यही कारण है कि यह अधिक महत्वपूर्ण है। डेंगू होने पर दूध में मिलाकर पीने से शरीर को बहुत लाभ होता है। यह दूध के साथ तेजी से डेंगू में शरीर को स्वस्थ करने में मदद करता है।
हल्दी
क्या डेंगू बुखार में नारियल पानी पी सकते हैं?
डेंगू के मरीज़ों के लिए नारियल पानी काफी कारगर साबित होता है। इसमें इलेक्ट्रोलाइट, खनिज सहित कई अन्य पोषक तत्व होते हैं, जो बुखार के साथ अन्य शारीरिक समस्याओं से लड़ने में सहायक होते हैं।
प्रोटीन
डेंगू के दौरान, शरीर में प्रोटीन की कमी भी होती है, इसलिए उस समय रोगी को पनीर जैसे खाद्य पदार्थ देना उचित साबित हो सकता है। इसके लिए आप वेज का ही उपयोग करें तो फ़ायदेमंद रहेगा और नॉनवेज से परहेज ही रखें।
डेंगू में कौन कौन से फल खाना चाहिए?
क्या डेंगू में संतरे अच्छे होते हैं?
संतरा इस बीमारी में बहुत फ़ायदेमंद साबित होता है। बीमारी के दौरान, संतरे का रस जितना संभव हो उतना ज्यादा पीना चाहिए। संतरे में ऊर्जा और बहुत सारा विटामिन सी होता है। यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और शरीर में एंटीबॉडी विकसित करता है, जो सामान्य बुखार के साथ-साथ डेंगू बुखार को भी तेज़ी से नष्ट करने में मदद करता है।
डेंगू बुखार में कौन सा फल खाया जाता है?- अनार
ऐसे में अनार भी एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। अनार आयरन का सबसे अच्छा स्रोत है। इसलिए यह रक्त प्लेट-लेट्स को बनाए रखने में मदद करता है। गिरते हुए रक्त प्लेट-लेट्स डेंगू के कारण होते हैं। यह थकान को कम करने में भी मदद करता है। बीमारी के दौरान रोगी को यह महसूस हो सकता है।
डेंगू में कौन सा फल खाना चाहिए- पपीता
पपीता का पत्ता डेंगू के मरीजों के लिए वरदान है। शरीर में तेजी से घट रही प्लेट-लेट्स की संख्या को बढ़ाने के लिए सबसे तेज़ और सबसे प्रभावी उपचार पापिते का पत्ता है। डेंगू के मरीजों को पपीते की ताजी पत्तियों को पीसकर उसका रस पीना चाहिए। यह शरीर में सफेद रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है, प्लेटलेट्स बढ़ाता है और रोग से लड़ने की क्षमता विकसित करता है।
नींबू
शरीर में मौजूद वायरस और विषाक्त पदार्थों को हटाने के लिए नींबू का रस पीना चाहिए। डेंगू बुखार में नींबू का रस सर्वोत्तम है। नींबू का रस शरीर के भारीपन को कम करने और मूत्र के माध्यम से वायरस को बाहर करने में बहुत प्रभावी है।
सब्ज़ियां
आप यह जानते हैं, डेंगू के दौरान, न केवल शरीर बहुत कमजोर हो जाता है, बल्कि प्रतिरक्षा प्रणाली भी कमजोर हो जाती है, इस मामले में सब्जियों को हल्के से पकाया जाना चाहिए या उबला हुआ खाया जाना चाहिए।
रोगी को विटामिन, खनिज और एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर सब्ज़ियाँ खानी चाहिए। जैसे कि टमाटर, कद्दू, गाजर, खीरा, चुकंदर आदि यह भी रक्त प्लेट-लेट्स को बढ़ाता है और रोगी जल्दी ठीक हो जाता है।
अदरक
डेंगू के मरीजों को अधिक तरल पदार्थों की आवश्यकता होती है। डेंगू के रोगी की शिकायत को दूर करने और शरीर को मजबूत बनाने के लिए अदरक का गुनगुना पानी देना चाहिए।
मेथी
मेथी शरीर के लिए भी बहुत फ़ायदेमंद होती है। डेंगू होने पर शरीर को सबसे ज्यादा आराम की जरूरत होती है। मेथी को इसके लिए सबसे अच्छा माना जाता है।
मेथी के सेवन से डेंगू में अच्छी नींद लाने में मदद मिलती है। यह बुखार को स्थिर करने के लिए भी लाभदायक है।
डेंगू के मरीज को क्या नहीं खाना चाहिए?
मसालेदार खाना
अक्सर, बीमारी में, कुछ चटपटा और मसालेदार खाने का मन करता है। लेकिन डेंगू में यह मसालेदार भोजन शरीर को नुकसान पहुँचाता है। इसे खाने से पेट में एसिड (गैस) बनता है।
ऐसे में डेंगू के दौरान व्यक्ति को दो-दो बीमारियों से जूझना पड़ता है। इसलिए डेंगू में मसालेदार खाने से बचें।
सामान्य प्रश्न
डेंगू में नारियल पानी के फायदे
डेंगू में अक्सर डिहाइड्रेशन हो जाता है, इसलिए नारियल पानी बेहद फायदेमंद हैं ,हाइड्रेशन के साथ साथ इससे इलेक्ट्रॉलाइट्स की कमी पूरी होती है और प्लेटलेट्स काउंट बढ़ता हैं। प्लेटलेट्स की कमी का एक बड़ा कारण शरीर में लिक्विड की कमी भी होता है। नारियल पानी में मौजूद खनिज तत्व जैसे सोडियम और पोटैशियम आदि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखते हैं और प्लेटलेट्स काउंटस भी बढ़ाते हैं। इसलिए मरीज को एक दिन में तीन बार नारियल पानी दे सकते हैं।
क्या डेंगू में संतरे अच्छे होते हैं?
संतरा एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर और विटामिन-सी जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसलिए डेंगू के मरीजो़ के लिए संतरे को अच्छा माना जाता है। इसमें भरपूर फाइबर होने से कब्ज़ की समस्या नहीं होती, रसदार होने से डिहाइड्रेशन दूर करता है, पोषक तत्वों से शरीर की कमजोरी दूर होती है। संतरा खाने का अगर रोगी का मन ना हो तो संतरे का जूस भी अच्छा विकल्प है। मुँह का स्वाद अच्छा हो इसके लिए हल्के से काले नमक के साथ भी जूस ले सकते हैं।
क्या डेंगू में रोटी खा सकते हैं?
बुखार में शरीर का तापमान बढा़ रहता है इसलिए चावल, बहुत ज्यादा खट्टी या ठंडी चीजों को एवोइड़ करनें की सलाह दी जाती है, लेकिन रोटी आप खा सकते हैं। डेंगू बुखार में जितना हो सके हल्का भोजन ही खाना चाहिए, जैसे दाल, दलिया, खिचड़ी और तरल पदार्थ। क्योंकि बुखार में मुँह का स्वाद काफी खराब हो जाता है इसलिए स्वाद बदलने के लिए पतली दाल के साथ रोटी खा सकते हैं।
डेंगू में चावल खाना चाहिए
बुखार होने पर हल्के आहार का ही चुनाव करना चाहिए जो पचने में आसान हो, अक्सर बुखार में चावल और ठंडी चीजों से परहेज़ की सलाह दी जाती है लेकिन चावल की खिचड़ी खाना अच्छा माना जाता है। एक्सपर्ट भी यही कहते हैं कि डेंगू बुखार होने पर हल्का-फुल्का भोजन लेना चाहिए। लंच में आप थोड़ा चावल भी ले सकते हैं। ध्यान रखें कि शाम के वक्त चावल बिल्कुल न खाएं। चावल में कुछ ऐसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो डेंगू में होने वाली शारीरिक कमजोरी को दूर करते हैं ।
डेंगू में गिलोय का प्रयोग
डेंगू के मरीजों के लिए गिलोय बेहद फायदेमंद होता है। यह शरीर के इम्युन सिस्टम को मजबूत करता है, जिससे इंफेक्शन होने का खतरा कम हो जाता है। इसके पत्ते का जूस पीने से प्लेटलेट्स काउंट भी तेजी से बढ़ता है। गिलॉय के पत्तों का काढा़ अगर नियमित रूप से पीते हैं तो डेंगू बुखार होने की संभावना कम हो जाती है, 10 गिलोय की बेल के छोटे छोटे टुकड़े तोड़कर उसे 2 लीटर पानी में थोड़ा सा अदरक और दो चुटकी अजवाइन के साथ सात मिनट तक उबालकर, थोड़ा ठंडा करके, रोगी को खाली पेट पीने को दें तो बेहद लाभ मिलता है ।
डेंगू में अंडा खाना चाहिए
डेंगू के रोगियों को आहार में हाई प्रोटीन और आयरन से भरपूर डाइट को शामिल करने की सलाह दी जाती है। अंडे में प्रोटीन आयरन और कईं तरह के पोषक तत्व होते हैं। इसलिए डेंगू मरीज को अंडा खाने को दे सकते है। बस ध्यान रखें कि कैसे देना है.. * उबले हुए अंडे खाने को दें और अंडे का पीला हिस्सा हटाकर खाएं।अंडे का यह हिस्सा नुकसान पहुंचा सकता है। *अंडे को फ्राई करके खाना बिल्कुल एवोइड करें इससे उसमें फैट की मात्रा बढ़ जायेगी जो पचनें में मुश्किल करेगी। *और ध्यान रखें कि अधपके अंडे ना खायें इससे शरीर में इंफैक्शन का खतरा रहता है।
डेंगू में पैर दर्द का इलाज
फीवर के दौरान पैरों के दर्द की शिकायत अक्सर होती हैं- डॉक्टर बताते हैं कि दो तरह के पेन सामने आते हैं, क्यूट रिएक्टिव आर्थराइटिस और क्रॉनिक जाइंट पेन। रिसर्च से ये भी पता चला है कि मांसपेशियों और जोड़ों में अधिक समय तक दर्द रहने के लक्षण एक ऑटो इम्यून स्थिति भी हो सकती है। अगर ऐसा है तो सामान्य व्यायाम और पैरासिटामोल के द्वारा इसमें आराम मिल जायेगा, लेकिन जब अधिक समय तक आराम न मिले तो फिजियोथेरेपी का सहारा लिया जा सकता है। इसके अलावा घर पर नियमित तेल मालिश भी की जा सकती है, जिससे आराम मिलेगा। मालिश के लिए नारियल, तिल और सरसो का तेल अच्छा रहेगा।
क्या इलायची प्लेटलेट काउंट बढ़ता है?
डेंगू के इलाज को लेकर कुछ लोगों का यह मानना है की डेंगू के दौरान प्लेटलेट्स की संख्या में कमी आने पर इलायची के सेवन से प्लेटलेट की संख्या बढ़ जाती है ,आइए जानते हैं ,क्या ऐसा होता है?डॉक्टर्स की माने तो इलायची के सेवन से प्लेटलेट्स की संख्या में किसी भी प्रकार की वृद्धि नहीं होती है । इलायची पाचन शक्ति को सुधारने और मरीज के मुंह का स्वाद ठीक करने के काम में आती है ।डेंगू के दौरान मरीज के शरीर में होने वाली गर्मी से भी इलायची का सेवन फायदा पहुंचाता है परंतु इसके सेवन से प्लेटलेट्स काउंट नहीं बढ़ता है ।