Menu Close

माहवारी खुलकर आने के घरेलू उपाय-Masik Dharm Aane Ke Upay In Hindi

गर्भपात

माहवारी शुरू होने से लेकर बन्द होने तक एक महिला बहुत सी समस्याओं से जूझती है। किसी को रक्तस्राव ज्यादा होता है किसी को कम, किसी को गैप होकर पीरियड होते है। आज इस आर्टिकल में हम बात करेंगे माहवारी खुल कर ना आने की समस्या की, क्योंकि इसके कारण भी कई समस्याए हो सकती है। जैसे प्रजनन क्षमता का घटना या गर्भवती होने में समस्या, वजन बढ़ना, अण्डाशय में ग्रंथियों का बनना, भूख न लगना, चेहरे पर बाल निकलना आदि।

महिलाओं में अल्पस्त्राव की समस्या गलत खान पान से, गलत जीवनशैली से या अत्यधिक तनाव के कारण होती है। हमारे शरीर मे कोई भी रोग वात, पित्त, कफ के असंतुलन के कारण होते हैं। ये असंतुलन पोषक तत्वों की कमी, और अनुचित जीवन शैली, या अन्य कारणों से होता है।

माहवारी खुल कर न होने के कारण-Period Na Aane Ka Reason In Hindi

जब किसी लड़की को माहवारी शुरू होती है, तो शुरू में हो सकता है कि माहवारी खुल कर न हो। ऐसा शुरू के एक वर्ष में हो सकता है। लेकिन अगर एक दो साल बाद भी यही समस्या बनी रहे तो ये चिंता का कारण है।

ज्यादातर इसका कारण यूटरस में किसी दिक्कत, या फिर ओवरी  में ग्रंथियाँ बनने के कारण होता है। माहवारी कम होने के निम्न कारण हो सकते है।

  • थायरॉइड से संबंधित समस्या का होना।
  • मेनोपॉज के समय पर भी ये समस्या हो सकती है।
  • उचित आहार न लेना जैसे आहार में जरुरी पोषक तत्वों की कमी।
  • तनाव या अवसाद की अधिकता
  • पॉलिसिस्टिक ओवरियन सिंड्रोम या पॉलिसिस्टिक ओवरियन डिजीज
  • जरूरत से ज्यादा व्यायाम या शारीरिक श्रम करना
  • बहुत लंबे समय तक बीमार रहना
  • गर्भाशय या गर्भाशय नलिका में कोई डिफेक्ट होना
  • महिला एथलीट्स द्वारा या फिटनेस के लिए स्टेरॉयड का सेवन करना।
See also  काली चाय से गर्भपात, काली चाय से गर्भ कैसे गिराए?

माहवारी खुलकर आने के घरेलू उपाय

हल्दी

हल्दी की तासीर गर्म होने के कारण इसका उपयोग बहुत ही फायदेमंद है। गरम पानी में या एक गिलास गर्म दूध में एक चुटकी हल्दी डालकर मासिक धर्म की निर्धारित तिथि से पाँच दिन पहले सुबह-शाम पीना शुरू करे। इससे न केवल माहवारी खुल कर आएगी बल्कि हेल्थ के लिए भी अच्छा रहेगा।

गाजर के बीज

गाजर में कैरोटीन होता है, जिससे शरीर में एस्ट्रोजेन का स्तर बढ़ जाता है। इससे मासिक स्राव खुलकर तथा समय पर होता है। इसके लिए आप गाजर के बीज को पानी मे उबाल कर उस पानी को दिन में तीन बार पिए।

तिल

तिल को आप लड्डू के रूप में या भूनकर ऐसे ही खा सकती है। मासिक धर्म शुरू होने के दस दिन पहले से ही एक चम्मच तिल में गुड़ मिलाकर खाएँ। यह माहवारी में कम रक्तस्राव की समस्या को ठीक करता है।

अदरक

अदरक का ज्यादा से ज्यादा से उपयोग करें, एक चम्मच अदरक के रस में एक चम्मच गुड़ मिलाकर खाएँ। इसके अलावा अदरक को पानी मे उबालकर उस पानी को भी पीया जा सकता हूं।

पपीता

पीरियड होने से 4 दिन पहले एक प्लेट पपीते का फल खाएं। इसमें मौजूद कैरोटी एस्ट्रोजन हार्मोन को उत्तेजित करता है। इसके सेवन से मासिक स्राव समय पर एवं खुलकर होता है।

धनिया

धनिया की पत्ती को अच्छे से साफ करके पानी मे उबाल लें, इस पानी को दिन में तीन बार 50ml पिए। यह उपाय भी माहवारी में कम रक्तस्राव होने पर लाभ दिलाता है।

मेथी

मेथी का प्रयोग केवल माहवारी के समय नही बल्कि रेगुलर किया जा सकता है। इसके लिए रोज रात को एक चम्मच मेथी भिगो दें, सुबह आधा चम्मच भीगी मेथी पानी से निगल ले। लगातार ऐसा करने से हॉर्मोनल समस्याए भी दूर होंगी।

See also  दाने वाली खुजली का उपचार कैसे करें-Khujali Ke Gharelu Upay

इन सब उपायों के अलावा आपकी अपनी जीवनशैली में भी बदलाव लाना होगा ताकि समस्या जड़ से दूर हो जाये।

  • विटामिन एवं खनिज जैसे पोषक तत्व से भरपूर भोजन करे।
  • सब्जियाँ, दाल, अंकुरित अनाज एवं सूखे मेवों का सेवन करें।
  • केवल मौसमी फल खाएं
  • तनाव को दूर करने के लिए ध्यान, योग, म्यूजिक का सहारा ले।
  • अत्यधिक शारीरिक श्रम एवं व्यायाम से बचें।
  • नियमित रूप से सुबह प्राणायाम एवं योगासन करें।
  • पैकेजिंग वाले और जंकफूड से बचे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!