Menu Close

गर्भपात के बाद पीरियड कब आता है ? एबॉर्शन के बाद पीरियड कब आता है ?

गर्भपात के बाद महवारी कब आती है

गर्भपात के बाद माहवारी कब आती है -Garbhpat Ke Baad Period

Contents hide

गर्भपात पिल या सर्जरी किसी भी तरह से करवाया जाऐ या गर्भपात किसी भी वजह से हो, गर्भपात कराने के लिए एक महिला को शारीरिक और मानसिक तनाव से गुजरना पड़ता है। गर्भपात के बाद पीरियड फिर से शुरू हो जाते हैं। यह माहवारी साधारण तरीके से 30 से 40 दिन के अंदर शुरू हो जाती है।

गर्भपात से पहले और बाद में शारीरिक हालत कैसी है, यह सब माहवारी को प्रभावित करता है। चालीस दिन के बाद अगर माहवारी नहीं आती तो एक और बार जांच करवानी जरुरी है। गर्भपात के समय अगर छोटे छोटे टुकड़े रह जाते है तो भी माहवारी नहीं आती और यह सेहत पर प्रभाव डालती है। इसका पूर्ण रूप से ध्यान देना जरुरी है।

गर्भपात के बाद कितने दिन तक पीरियड आता है?

गर्भपात के बाद मासिक धर्म सामान्य से अधिक या लम्बी मात्रा में हो सकती है। ऐसा नहीं कि हर महिला को एक ही तरीके से माहवारी होती है बल्कि हर एक के शरीर के तत्व और जीवन गति पर आधारित है।

गर्भपात के बाद पीरियड कितने दिन तक होते हैं ?

दवाई के जरिए गर्भपात होने पर माहवारी कब से शुरू होंगे इसका कोई निश्चित समय नहीं है। इसमें चार से आठ हफ्ते लग सकते हैं। अगर सर्जरी के जरिए गर्भपात करवाया गया है तो चार से छह हफ्ते में पीरियड्स आ सकते है। गर्भपात के बाद इस समय आपका पहला पीरियड पूरी तरह से आप पर और आपके शरीर पर निर्भर करता है।

वैसे गर्भपात के लगभग 4-6 सप्ताह के बाद से पीरियड्स शुरू होने की संभावना होती है। अर्थात जब आपका शरीर भ्रूण के खत्म होने के बाद दोबारा से पूरी तरह ठीक हो जाता है तब आपका पहला मासिक धर्म शुरू हो सकता है।

See also  सिजेरियन प्रसव के बाद क्या खाते हैं-Cesarean Delivery Ke Baad Kya Khana Chahiye
गर्भपात के बाद माहवारी
गर्भपात के बाद पीरियड

यदि गर्भपात के बाद पीरियड पहले शुरू हो जाता है तो घबराएं नहीं, लेकिन यदि इसे शुरू होने में देरी होती है तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं।

यदि गर्भपात और प्रेगनेंसी से पहले आपके पीरियड की अवधि नियमित थी तो 4 से 6 सप्ताह का अंतराल पीरियड्स शुरू होने के लिए सही माना जाता है।

गर्भपात के बाद पहला मासिकधर्म कैसा हो सकता है?

गर्भपात के बाद आपका पहला पीरियड बहुत असामान्य हो सकता है क्योंकि इस दौरान आपका शरीर बहुत सारे बदलावों से उबरता है। इस समय आपके हॉर्मोन पूरी तरह से असंतुलित होंगे और गर्भपात के बाद एचसीजी हॉर्मोन का स्तर जीरो पर पहुँचने को होगा।

कभी-कभी आपका शरीर गर्भपात को भी पीरियड के समान ही समझ सकता है और आपका अगला मासिक धर्म बस कुछ दिनों के बाद ही शुरू हो सकता है।

आप अपेक्षा कर सकती हैं कि गर्भपात के बाद पहली बार होने वाले पीरियड में ब्लीडिंग बहुत ज्यादा या बहुत कम हो सकती है। गर्भपात के बाद पहली बार पीरियड होने पर अत्यधिक ब्लीडिंग होना पूरी तरह से स्वाभाविक है।

आपको प्री-मेन्सट्रूअल सिंड्रोम के लक्षण और अपने शरीर में बहुत सी असामान्य चीजें दिखाई दे सकती हैं, जैसे अलग-अलग रंग का सर्वाइकल म्यूकस और ब्लड क्लॉट्स। इस डिस्चार्ज में बहुत तेज दुर्गंध भी आ सकती है। इसके अलावा दर्द के लिए भी खुद को तैयार कर लें क्योंकि गर्भपात के बाद पहले पीरियड में आपको अत्यधिक दर्द हो सकता है।

गर्भपात के बाद ब्लीडिंग जल्दी ही बंद हो जाती है जिसके बाद आपको कुछ दिनों के लिए थोड़ी बहुत स्पॉटिंग ही दिखाई देगी। फिर कुछ हफ्तों के बाद आपको हेवी ब्लीडिंग के साथ ऐंठन और स्पॉटिंग का भी अनुभव हो सकता है।

गर्भपात के बाद पहला पीरियड कब तक रहता है?

यह हर महिला में अलग हो सकता है और आप सामान्यतः इसे 4-7 दिनों में खत्म होने की अपेक्षा कर सकती हैं। चूंकि यह महिलाओं में अलग-अलग होता है इसलिए इसका निश्चित समय बता पाना मुश्किल है।

यह हर एक स्थिति में अलग हो सकता है, गर्भपात के पहले आपके पीरियड्स नॉर्मल थे या नहीं, गर्भपात से पहले आपकी गर्भावस्था कितने समय तक थी और अन्य स्थिति जिसका अनुभव आपने किया हो।

गर्भपात के बाद पहली माहवारी कितने समय तक चलती है?

इस दौरान आप एक महीने के लिए ब्लड स्पॉट का अनुभव कर सकती हैं और हाँ यह बहुत अजीब सी प्रक्रिया हो सकती है! पर आप किसी भी बात से न घबराएं। अपने शरीर को एडजस्ट करने के लिए समय दें और यह अपने आप ही ठीक हो जाएगा। इसमें समस्याएं बहुत कम होती हैं।

सामान्य प्रश्न

गर्भपात के बाद कितने दिन तक पीरियड आता है?, बच्चा खराब होने के बाद पीरियड कब आता है?

गर्भपात के बाद योनी से रक्तस्राव (ब्लीडिंग) होना सामान्य बात है। यह एक आम लक्षण है और किसी भी प्रकार के अबॉर्शन (मेडिकल या सर्जिकल) के बाद लगभग दो हफ्तों तक ब्लीडिंग होना सामान्य है। सर्जिकल गर्भपात (सर्जरी के माध्यम से हुए) के बाद हल्का रक्तस्राव होता है, जबकि दवाइयों की मदद से हुए एबॉर्शन में लगभग 9 दिन तक रक्तस्त्राव हो सकता है। कुछ दुर्लभ मामलों में यह 45 दिन तक हो सकता है ।

See also  जानिए शिशु के लिए हिमालय बेबी क्रीम के फायदे और साइड इफेक्ट्स

गर्भपात के बाद पहली माहवारी कितने समय तक चलती है?

मिसकैरिज या गर्भपात के बाद हॉर्मोनल लेवल पर बहुत अधिक बदलाव होता है। इस हॉर्मोनल बदलाव के कारण ही पीरियड्स का समय भी घट- बढ़ जाता है। सभी महिलाओं को मिसकैरिज के बाद एक ही समय में पीरियड शुरू हो जाए, ये जरूरी नहीं है। ज्यादातर केस में चार से छह सप्ताह बाद तक पहला पीरियड आ जाता है। मिसकैरिज के बाद पहला पीरियड अधिक दर्दनाक या हैवी हो सकता है। और अधिक बदबूदार या तेज गंध वाला हो सकता है। इस बात को भी ध्यान में रखें कि अगर आपको मिसकैरिज के पहले समय पर पीरियड्स नहीं होते थे, तो मिसकैरिज के बाद भी ऐसा ही होगा। वहीं अगर आपको मिसकैरिज के पहले समय पर पीरिड्स होते थे, तो मिसकैरिज से चार से छह सप्ताह बाद भी रेग्युलर पीरियड्स शुरू हो जाते हैं।

गर्भपात के बाद आप कब ओव्यूलेट करते हैं?

अमेरिकन कॉलेज ऑफ ओब्स्टेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट की मानें तो,मिसकैरिज के दो सप्ताह बाद ही ओव्यूलेशन शुरू हो सकता है। मासिक धर्म या फिर पीरियड्स के पहले ही ओव्यूलेशन होता है, इसलिए महिलाएं मिसकैरिज के दो सप्ताह बाद तक फर्टाइल हो जाती हैं।

गर्भपात के बाद लक्षण

गर्भपात से गुजरने के बाद महिलाओं को कुछ शारीरिक लक्षणों के अनुभव होते हैं, जो सामान्य है। ये लक्षण कुछ इस प्रकार हो सकते हैं, योनी से भारी या हल्का रक्तस्त्राव,पेट में दर्द,उल्टी,दस्त,गर्मी या ठंड लगना,स्तनों में दर्द,भावनात्मक परिवर्तन..! गर्भपात के बाद के लक्षण हर महिला के लिए एक समान नहीं होते। कुछ मामलों में ये सामान्य से अधिक हो सकते हैं। ऐसे में गायनेकोलॉजिस्ट को तुरंत दिखाना जरूरी होता है।

गर्भपात के बाद सावधानियां

गर्भपात के बाद कुछ सावधानियां जरूरी हैं.. भरपूर नींद लें। भरपूर पानी पिएं। संतुलित आहार जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, सूखे मेवे, अदरक, लहसुन, तिल और दूध शामिल करें। जंक, प्रोसेस्ड फूड, शक्कर पेय और कोला से बचे, डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही विटामिन डी, आयरन और कैल्शियम जैसे सप्लीमेंट्स लें। हैवी वर्कआउट करने से बचें । वजन उठाने से बचने की सलाह दी जाती है। गर्म पानी का सेवन करें। गर्भपात के बाद पानी की कमी हो सकती है। इसलिए कब्ज से बचने और हाइड्रेटेड रहने के लिए गर्म पानी पिएं। बॉडी मसाज भी करवा सकती हैं,आखिरकार, आप इतने दर्द से गुजरी हैं, और आपको शांत और तनाव मुक्त रहने की जरूरत है। मालिश सुखदायक हो सकती है। सरसों या तिल के तेल का तेल इस्तेमाल करें। डॉक्टर की देखरेख में थोड़ा-थोड़ा व्यायाम करें। जब भी अधिक थकान महसूस हो, तो आराम करें।

See also  जानिए कौन कौन से है डिलीवरी के बाद मालिश के लिए सर्वोत्तम तेल

गर्भपात के कितने दिन बाद गर्भ ठहरता है

गर्भपात के एक से दो महीने बाद पीरियड्स रेगुलर होना शुरु होते हैं। तीन से चार महीने के बाद गर्भ ठहर सकता है। डाक्टर कहते हैं कि एक महिला को सुरक्षित गर्भ के लिए अपने शरीर को वक्त देना चाहिए । गर्भपात के बाद एक महिला मानसिक और शारीरिक दोनों हीं रुप से कमजोर होती है। ऐसे में उसे जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए उसे पहले अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। उसके परिवार वालों को उसे सपोर्ट करना चाहिए ताकि वह जल्दी ही रिकवर कर पाएं। उसे कम से कम छह महीने के बाद ही गर्भधारण करना चाहिए।

गर्भपात के बाद पीरियड ना आए तो क्या करें

गर्भपात के बाद शरीर अंदर से कमजोर होता है। जब भ्रूण आपके शरीर से अच्छी तरह से बाहर निकल जाता है तब आपका शरीर पहले अंदर से खुद को मजबूत करता है। जब आप अंदर से स्वस्थ हो जाते हैं तब आपका शरीर दुबारा से अंडे का निर्माण करने लगता है। अब आपके गर्भाशय की दीवार अंदर से मजबूत होली लगती हैं गर्भाशय की दीवार के स्वस्थ होने पर ही पीरियड्स दुबारा शुरु होते हैं। अगर दो से तीन महीने तक पीरियड्स न आए तब आपको डॉक्टर को सलाह लेनी की आवश्यकता होती है।

गर्भपात के बाद कमजोरी दूर करने के उपाय

आपको संतुलित व पौष्टिक भोजन की आवश्यकता है। अपनी पूरी टाइट लें। भोजन में आयरन, पोटेशियम, विटामिन और मिनरल्स के अलावा कैल्शियम से भरपूर भोजन लें। घी, दूध, मक्खन , बींस, किशमिश, हरी पत्तेदार सब्जियों, भींगे हुए अखरोट, बादाम, दालें, कद्दू के बीज, सोयाबीन खायें। ठंडी चीजों, का परहेज करें ।‌ तैलीय, तीखा, चटपटा, मसालेदार भोजन का परहेज करें । इस समय आप के रिप्रोडक्टिव सिस्टम को आपकी बहुत देखभाल की आवश्यकता है। आप अपने मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दें। आपको जो लोग पसंद है उनसे बात करें ।अपनी पसंद के गानों को सुने, मेडीटेशन करें। सेक्स से परहेज़ करें।


Sale
I-know ovulation test kit for women planning pregnancy - 5 strips, Multi-coloured
  • The LH is in the urine of normal women increases in the middle of the menstrual cycle.
  • Designed for "Trying to conceive” women to get pregnant naturally.
  • This easy to use ovulation home LH Testing Kit test helps tracking ovulation surge with sufficient tests and minimize the chances missing the LH Surge

Last update on 2022-09-29 / Affiliate links / Images from Amazon Product Advertising API

error: Content is protected !!