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जानिए क्या है गर्भावस्था में फोलिक एसिड के फायदे

फोलिक एसिड के फायदे

गर्भवती महिला को हमेशा फोलिक एसिड खाने की सलाह दी जाती है होती है, आप जानते हैं ऐसा क्यों है ताकि गर्भ में पल रहे शिशु के मस्तिष्क या रीढ़ की हड्डी में कोई डिफेक्ट ना आए। इसलिए डॉक्टर फोलिक एसिड को एक गर्भवती महिला के लिए बहुत जरूरी मानते हैं लेकिन आज हम आपको बताएंगे की सभी के शरीर में फोलिक एसिड की जरूरत क्यों होती है।




फोलिक एसिड को आप फोलेट या विटामिन B9 भी कह सकते कह सकते हैं, यही विटामिन बी हमारे शरीर में नए रेड ब्लड सेल को को बनाने में मदद करता है। और आप जानते ही होंगे कि यही रेड ब्लड सेल्स ऑक्सीजन को पूरे शरीर में पहुंच आती है। इसलिए जब किसी भी व्यक्ति में विटामिन B9 की कमी हो जाती कमी हो जाती है तो उस व्यक्ति को डॉक्टर द्वारा फोलिक एसिड प्रिसक्राइब किया जाता है तो आज हम फोलिक एसिड के बारे में ज्यादा अच्छे से जानेंगे।



फोलिक एसिड के फायदे

  • फोलिक एसिड हार्ट से जुड़ी बीमारियों के खतरे को कम करता है। दरअसल फॉलिक एसिड हमारी धमनियों की मोटाई अर्थात एथेरोस्क्लेरोसिस को होने से रोकता है।
  • आजकल के प्रदूषण और केमिकल से जुड़ी चीजों को यूज करने के कारण बाल झड़ने की समस्या विकराल हो चुकी है लेकिन इसका एक प्रमुख कारण पोषक तत्वों की कमी भी होती है। अगर आपके शरीर में हो लेट और विटामिन बी नाम की नाम और विटामिन बी नाम की नाम की कमी है तो आपके बाल झड़ना शुरू हो जाएंगे यदि आप डॉक्टर द्वारा बताई हुई फोलिक एसिड की मात्रा सही प्रकार से सेवन करेंगे तो आपके बालों का झड़ना और सफेद होना बंद हो जाएगा।
  • फोलिक एसिड कई प्रकार के कैंसर के खतरे को कम करता है जैसे स्तन कैंसर, एसोफैगल कैंसर, कोलन कैंसर, सर्विक्स कैंसर, त्वचा कैंसर।

यदि आपके अन्दर फोलिक एसिड की कमी हो चुकी है तो आपको डॉक्टर द्वारा बताई हुई फोलेट टेबलेट लेनी होंगी। वैसे आप कोशिश कीजिये कि आपके भोजन में फोलिक एसिड की भरपूर मात्रा हो। तो हम आपको ऐसे ही कुछ भोज्य पदार्थो के बारे में बताएंगे।

फोलिक एसिड युक्त आहार

दाल

दाल में केवल फोलेट ही नही बल्कि आयरन, प्रोटीन और फाइबर भी भरपूर मात्रा में होता है। रोजाना में केवल एक प्रकार की दाल का प्रयोग न करे, हर तरह की दाल को अपने भोजन में शामिल करें, बच्चो को भी हर तरह की दाल खाने की आदत डालें। दाल को परांठे, ढोकले या चीले की तरह प्रयोग करे तब भी वह फायदेमंद हैं।



लोबिया

लोबिया भी फोलेट से भरपूर होता है, आप चाहे तो लोबिया को अंकुरित कर उसे चाट की तरह, या आलू लोबिया की रसेदार सब्जी भी बना सकती है। जिन लोगो को गैस की दिक्कत रहती है वो रात को लोबिया खाने से परहेज करें।

छोले

छोले भी फॉलिक एसिड, आयरन और प्रोटीन से भरपूर होते है। छोले खिलाने के लिए बच्चो के नखरे भी नही झेलने होते है। क्योंकि बच्चो को छोले बहुत पसंद होते है।

चाहे वो छोले पूरी हो, छोले भटूरे या छोले चाट। उबले हुए छोलों में बारीक कटा खीरा, टमाटर और प्याज डालिये और चाट बनाइए।

इनके अलावा फोलिक एसिड, के लिए निम्न पदार्थो को अपने भोजन में शामिल करें।

ब्रोकली

ब्रोकली फोलेट, आयरन, विटामिन बी6, बीटा कैरोटीन और विटामिन से भरपूर होती है। ब्रोकली को खाने का सबसे अधिक फायदा उसे हल्की भाप देकर या सूप के रूप में खाने से होता है।

सोयाबीन

सोयाबीन खाने में जितने स्वादिष्ट होते है उतने ही प्रोटीन से भरपूर होते है। सोया कई रूप में इस्तेमाल किया जाता है, जैसे चंक्स या नगेट्स।

चंक्स या नगेट्स को सब्जी या पुलाव में इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन थाइरोइड के पेशेंट को सोया प्रोडक्ट के लिए मना किया जाता है, ऐसे में आप डॉक्टर की सलाह लेकर ही सोया का सेवन करे।

इसके अलावा राजमा, पालक, (पालक पनीर, पालक मेथी की टिक्की,पालक पुलाव के रूप में इस्तेमाल करें) सूजी, तिल के बीज, अखरोट, अनार, आदि।

गर्भावस्था में फोलिक एसिड क्यों जरूरी है।

हर कोई ये सोचता है प्रेग्नेंसी में फोलिक एसिड क्यों दिया जाता हूं।तो हम आपको प्रेग्नेंसी में फोलिक एसिड के फायदे बताते है।

फोलिक एसिड की कमी से गर्भवती में निम्न लक्षण दिखाई देते है

सर में दर्द
घबराहट
चिड़चिड़ापन
एनीमिया
भूख की कमी
जरा से काम मे थकान महसूस होना
जीभ में दर्द
नींद आने में दिक्कत होना



  • फोलिक एसिड की कमी ही नही शरीर मे उसकी ज्यादा मात्रा भी नुकसान करती है, फोलिक एसिड ज्यादा होने से सांस सम्बन्धी परेशानी, बुखार, खुजली और दाने होना, गैस और अपच होना।
  • अजन्मे शिशु को मोटापे,आटिज्म और इन्सुलिन प्रतिरोध का जोखिम बढ़ जाता है।गर्भधारण के लिए फोलिक एसिड बहुत जरूरी है क्योंकि ये एग प्रोडक्शन को बढ़ाता है।
  • गर्भवती स्त्री में फोलिक एसिड की कमी से गर्भपात के अलावा premature डिलीवरी भी हो सकती है
  • फोलिक एसिड न्यूरल ट्यूब को सुरक्षित रखता है ताकि शिशु में स्पिना बिफिडा(रीढ़ की हड्डी से जुड़ी जन्मजात बीमारी) जैसी बीमारी न हो।
  • फोलिक एसिड गर्भस्थ शिशु को anecephaly बीमारी से बचाता है।
  • फोलिक एसिड प्लेसेंटा की ग्रोथ को बढ़ाता है।
  • शिशुओं में होने वाली कटे तालु और कटी जीभ जैसे डिफेक्ट को दूर करता है।
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