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सिजेरियन प्रसव के बाद क्या खाते हैं-Cesarean Delivery Ke Baad Kya Khana Chahiye

सिजेरियन प्रसव के बाद क्या खाते हैं

सिजेरियन ऑपरेशन आजकल बहुत ही नॉर्मल है। लेकिन सिजेरियन के बाद एक माँ की देखभाल नॉर्मल तरीके से नही होती। सिजेरियन के बाद बहुत ही खास देखभाल की जरूरत होती है। खास देखभाल मतलब एक महिला के स्वास्थ्य के सभी पहलू पर ध्यान देना होता है। आज इस आर्टिकल में हम बात करेंगे कि सिजेरियन प्रसव के बाद क्या खाते हैं, सिजेरियन डिलिवरी के बाद खान पान कैसा होना चाहिए।

सिजेरियन के बाद माँ को ऐसे भोजन की आवश्यकता होती है जो माँ को शारीरिक शक्ति प्रदान करे, बच्चे के लिए माँ के दूध में बढ़ोतरी करे। लेकिन वजन न बढ़ाये और टांकों पर अनावश्यक जोर न डालें।

सिजेरियन ऑपरेशन (C-section) के बाद सभी महिलाओं को यहीं असमंजस रहता है। क्या खाएं क्या न खाएं। इस लेख में हम आप को बताएँगे की सिजेरियन डिलिवरी के बाद खान पान कैसा होना चाहिए।

कितनी कैलोरी चाहिए

यदि एक महिला स्तनपान करा रही है तो उसे अपनी रोज की जरूरत से प्रतिदिन कम से कम 500k ज्यादा की जरूरत होती है।

सिजेरियन डिलिवरी के बाद खान पान-Cesarean Delivery Ke Baad Kya Khana Chahiye

आपरेशन के बाद जब आप खाना शुरू करे तो कुछ बातों का खास ध्यान रखें।

खाएं जो आसानी से पचे

इसके लिए खुद के शरीर को जाने, क्योंकि जरुरी नही जो खाने में हल्का हो वो आपको डाइजेस्ट हो जाए। दुसरो के कहने में न आएं। खुद सोचे कि कौन से खाद्य पदार्थ आपको गैस बनाते है, उन्हें अवॉयड करें।

ज्यादा तला भुना, मसालेदार, मैदा, बाहर के भोज्य पदार्थ खाने से बचे।

खाए जो हो फैटी एसिड से भरपूर

पता करे कि कौन से खाद्य पदार्थ फैटी एसिड युक्त है। उन सभी पदार्थो का सीमित मात्रा में सेवन करे। ऐसे आहार आप को कब्ज (constipation) से बचाएगा और साथ ही यह शिशु के विकास के लिए भी अच्छा है।

फैटी एसिड अखरोट जैसे सूखे मेवों, अलसी, सूरजमुखी, सरसों के बीज, कनोडिया या सोयाबीन, स्प्राउट्स, टोफू, गोभी, हरी बीन्स, ब्रोकली, शलजम, हरी पत्तेदार सब्जियों और स्ट्रॉबेरी, रसभरी जैसे फलों में काफी मात्रा में पाया जाता हैै।

प्रोटीन की है सख्त जरूरत

सिजेरियन के बाद जख्म को भरने और कोशिकाओं के रिपेयर होने के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी होता है। प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थो जैसे मछली, अंडा, चिकन, डेरी उत्पाद, मास, मटर, दाल, राजमा, और अनेक प्रकार के सूखे मेवे को अपने आहार में शामिल करें।

पर ध्यान रहे इनमें से जो भी भोज्य पदार्थ गैस बनाते है उनका प्रयोग सिजेरियन के तुरन्त बाद न करे।

विटामिन सी को न करे नजरअंदाज

विटामिन सी किसी भी तरह के इन्फेक्शन से बचाता है, इसके अलावा माँ और बच्चे दोनों की इम्युनिटी डेवेलप करता है। आखिर शिशु को पोषण अपने माँ के खाए भोजन से तो मिलता है

इसके लिए आप संतरे, तरबूज, पपीता, स्ट्रॉबेरी, अंगूर, शक्करकंद, टमाटर, गोभी, और ब्राकोली को डाइट में शामिल कर सकती है। पर ध्यान रहे इनसे आपको खांसी न हो। इनका सेवन दिन में करें। खांसी होने से टांकों पर जोर पड़ सकता है।

पूरी करें खून की कमी

सिजेरियन है तो खून की कमी तो होगी ही, तो बहुत जरूरी है कि माँ जल्द से जल्द अपने शरीर मे इसकी पूर्ति करें। इसके लिए अंडे की जर्दी, मास, अंजीर, राजमा, और मेवे (dry fruits), अनार, भुने चने, चुकंदर, काले अंगूर का सेवन करें।

लेकिन बहुत ही सीमित मात्रा में, आयरन की मात्रा ज्यादा न होने दे। अन्यथा कब्ज हो सकती है।

जिंक बचाए डिप्रेशन से

आप शायद नही जानते होंगे कि जिंक आपको पोस्टपार्टम डिप्रेशन से बचा सकता है। इसलिए इस कम महत्व दिए जाने वाले सप्पलीमेंट को बिल्कुल न भूले।

जिंक के लिए नट्स जैसे बादाम, काजू, तिल के बीज, मूंगफली और अखरोट।, दाल जैसे काबुली चना, चवली, मूंग, राजमा, सोया का सेवन करें।

कैल्शियम है आवश्यक स्तनपान के दौरान

कैल्शियम माँ के शरीर की मास पेशियोँ को आराम पहुंचाकर उसकी थकान मिटाता है। ये दातों और हाड़ियोँ को भी मजबूत बनाता है।
दूध बनने की प्रक्रिया में माँ के शरीर से कैल्शियम बहुत तेजी से ख़त्म होता है।

अगर आप स्तनपान कराती है तो आप हर दिन कम से कम 250 to 350mg कैल्शियम लेने की आवश्यकता है।

सिजेरियन प्रसव के बाद क्या खाते हैं-किन बातों का रखे ध्यान

  • फाइबर युक्त आहार ले।
  • फलों का जूस पीने की बजाये, पूरा फल खाएं।
  • खूब तरल लें, जैसे की दूध, हर्बल चाय, नारियल का पानी, लस्सी, छाज, सूप, और फलों का जूस।
  • चाय कॉफी न ले।
  • कम वासा वाले दूध उत्पाद ले।
  • साबुत अनाज का सेवन करें।
  • दही घर की बनी ले, व आटा चक्की से पिसा ले।

सिजेरियन प्रसव के बाद क्या खाते हैं-बहुत जरूरी बातें

  • सिजेरियन में कुछ भी ठोस शुरू करने से पहले डॉक्टर से बात करें।
  • शुरुआत में खिचड़ी, दलिया, सूप ले। कम से कम 15 दिन।
  • धीरे धीरे दाल और एक फुल्का ले, केवल हींग जीरे से तड़का लगा कर
  • दूध में हल्की चायपत्ती डालकर ले।
  • सूखी सब्जी तुरन्त खाना न शुरू करें।
  • कुछ भी दिक्कत महसूस होते ही तुरन्त डॉक्टर से सम्पर्क करें।
  • दिन में कई बार गुनगुना पानी पीएं
  • ठंडी चीज़े खाने से बचें।
  • पारम्परिक खाद्य पदार्थ जैसे गुड़ की पात, केवका या साँधा जो जच्चा को खिलाए जाते है, उनका सेवन कम से कम 20 दिन बाद करें।
  • सिजेरियन बेल्ट का प्रयोग जरूर करें।
  • टांकों को बार बार न छेड़े।
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