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ऑपरेशन से डिलीवरी के बाद सावधानी कैसे बरतें-Care After Cesarean Delivery In Hindi

ऑपरेशन से डिलीवरी के बाद सावधानी

हर गर्भवती स्त्री चाहती है कि उसकी डिलीवरी नॉर्मल ही हो। क्योंकि सिजेरियन डिलीवरी के बाद होने वाली बहुत सी दिक्कतों से वो बचना चाहती है। सिजेरियन डिलिवरी के बाद का काफी समय इस सर्जरी से उबरने में चला जाता है। सिजेरियन से एक बच्चे को जन्म देने वाली महिला को बहुत आराम और देखभाल की जरूरत होती है।आपको जानकर हैरानी होगी कि सिजेरियन के बाद महिला मृत्यु दर काफी अधिक होती है। आज इस आर्टिकल में हम आपको यही बताएंगे कि ऑपरेशन से डिलीवरी के बाद सावधानी कैसे बरतनी चाहिए।




ऑपरेशन से डिलीवरी के तुरन्त बाद हॉस्पिटल में क्या सावधानी बरतें।

सर्जरी के 24 घण्टे बीत जाने पर डॉक्टर आपको धीरे धीरे उठने के लिए कहेगा। सम्भव हैं आपके लिए ये बहुत ही मुश्किल हो पर कोशिश करिए। क्योंकि यही आपके ठीक होने की गति को बढ़ाएगा। आप परिवार के किसी सदस्य या नर्स का सहारा लेकर बाथरूम तक जाने की कोशिश करें।



ऐसा करने से आपको कई फायदे होंगे। आपके पेट मे गैस बनने की समस्या नही होगी। क्योंकि गैस बनने से ताजा टांको में दर्द बढ़ सकता है। थोड़ा थोड़ा टहलने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ेगा। जिससे ऑक्सीजन की सप्लाई सर्जरी के स्थान पर तेजी से होगी और हीलिंग की स्पीड बढ़ जाएगी।

लेकिन ध्यान रखे इसमे जल्दबाजी बिल्कुल न करे। क्योंकि सिजेरियन डिलीवरी के बाद आपको चक्कर आने और सांस फूलने की परेशानी हो सकती है। इससे एक और फायदा होगा कि आपका कैथेटर (यूरिन बैग) जल्दी से जल्दी निकल जायेगा और आप कंफर्टेबल महसूस करेंगी।

अगर कैथेटर निकलने के बाद आपको लगातार दर्द बना हुआ है तो इग्नोर न करे। तुरन्त डॉक्टर को बताए।

सर्जरी के बाद होने वाले दर्द से बचने के आपको जो भी दवाइयां डॉक्टर द्वारा दी जाती है, यदि किसी भी दवाई से आपको दिक्कत हो तो तुरन्त डॉक्टर से बात करें। दवाई डॉक्टर ने लिखी है ये सोचकर तकलीफ न सहती रहे।

अब बात करते है ऑपरेशन के बाद होने वाले रक्तस्राव का क्योंकि अब महिला का गर्भाशय संकुचित होने लगता है ऐसे में आपको अधिक रक्तस्त्राव हो सकता है। यह स्थिति 6 सप्ताह तक जारी रह सकती है। ऐसी स्थिति में सेनेटरी पैड हमेशा पास रखे और जल्दी जल्दी बदलते रहे ताकि इन्फेक्शन ना हो लेकिन टैम्पोन या मेंस्ट्रुअल कप का का इस्तेमाल डॉक्टर से सलाह लेकर ही करे।

ऑपरेशन के बाद घर पर क्या सावधानी बरतें

पुरानी कहावत है कि बच्चे के जन्म में एक इंसान से दूसरा इंसान बनता है, एक माँ का नया जन्म होता है। तो जरूरी है की ऑपरेशन के बाद एक माँ को पूर्ण रूप से आराम दिया जाए।



घर पहुँचने के तुरन्त बाद महिला को शारीरिक कार्य से बचना चाहिए। केवल बच्चे को गोद मे ले, अन्य कोई वजन न उठाएं। घर के कामो को कुछ समय के भूल जाएं।

अपने शरीर में लिक्विड की कमी न होने दे। लगातार गर्म पानी और दूसरे तरल लेते रहे। इससे ऑपरेशन के बाद बढ़ने वाले मोटापे को कंट्रोल रखने में मदद मिलती है। साथ ही गैस भी नही बनती।



इसके अलावा कुछ बातों का ध्यान रखे

  • बच्चे का सभी सामान, गर्म पानी की बोतल, केतली बिल्कुल पास रखे ताकि आपको ज्यादा मूवमेंट न करना पड़े।
  • ध्यान रखे कि आपका बॉडी टेम्परेचर नार्मल रहे, अगर दर्द या बुखार महसूस हो तो तुरन्त डॉक्टर से सम्पर्क करें।
  • इस समय आप postpartum डिप्रेशन से ग्रस्त हो सकती है तो मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दे। बच्चे के साथ खूब समय बिताए।
  • आपको भावनात्मक सपोर्ट की जरुरत है ये बात बेहिचक परिवार से बोले, बिल्कुल देर न करे।
  • अभी आपको स्तनपान कराने में दिक्कत हो सकती है तो जीवनसाथी या घर की महिला सदस्य से मदद करने को कहे।
  • सिजेरियन डिलीवरी के बाद नॉर्मल रुटीन में आने के लिए आपको कम से कम 8 सप्ताह का समय लग सकता है।
  • एक्सरसाइज, गाड़ी चलाने या ऑफिस जाने से पहले आपको अपने डॉक्टर की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
  • साथी के साथ सेक्स करने या टैम्पोन के इस्तेमाल से पहले आपको डॉक्टर से जरूर पूछ लेना चाहिए
  • अगर टांके ठीक न हुए हो या किसी प्रकार का रक्तस्राव हो तो नहाए नही।
  • छोटे शिशु के साथ नींद पूरी होना बहुत मुश्किल है, लेकिन पुरी तरह ठीक होने के लिए ये बहुत जरूरी है। तो बहुत जरूरी की शिशु को सम्भालने के लिए आपके पास कोई न कोई मदद हो।
  • सीढ़िया चढ़ने से बचे, भारी वजन न उठाएं, छींकते, खांसते,और जोर स्व हंसते समय हाथों से टांको को सपोर्ट जरूर दे।
  • दिन में दो बार धीरे धीरे टहले, डॉक्टर से सलाह लिए बिना सम्बन्ध बनाने के बारे में न सोचें।
  • मोटापे के कारण एक्सरसाइज करने की जल्दी बिल्कुल न करे।
  • किसी भी तरह का इन्फेक्शन, दर्द, जलन, सूजन, बुखार होने पर डॉक्टर से तुरन्त कांटेक्ट करे।
  • व्यायाम के लिए कम से कम 6 महीने इंतजार करें, भारी व्यायाम से शुरुआत न करे, इसके बजाय आप पंजो को आगे पीछे करना, कंधों और कलाईयों को घुमाना, हल्की स्ट्रेचिंग करते रहे।
  • अच्छा म्यूजिक सुने, केवल सकारात्मक रहने की कोशिश करे।
  • खाने में केवल हल्की चीज़े खाये, क्योंकि भारी चीज़े न केवल आपको बल्कि आपके बच्चे को भी नुकसान करेंगी।
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