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बहुत ही फायदेमंद है हमदर्द साफ़ी-Safi Ke Fayde In Hindi

साफी पीने के फायदे

हमदर्द की साफी एक ऐसी हर्बल दवा है, जिसे खून साफ करने की दवा के तौर पर जाना जाता है। काफी पुराने समय से साफी, हमदर्द के एक जाने माने प्रोडक्ट के रूप में जाना जाता है। यह एक यूनानी टॉनिक है जिसका रंग गहरा काला और स्वाद काफी कडवा होता है। साफी में किसी भी तरह कोई केमिकल इस्तेमाल नही किया जाता। यह तुलसी, नीम, चिराता जैसे प्राकृतिक चीजों को मिलाकर बनाया जाता है। आज इस लेख में हम जानेंगे की साफी पीने के फायदे क्या क्या है।



हमदर्द साफी में डाले जाने वाले इंग्रीडिएंट

ब्रह्मी (बाकोपा मोननेरी)




चोपचिनी (स्माइलैक्स चीन)



शीशम (दलबर्गिया सिसोसो)

निम्फेया कमल (निम्फेया लोट्स)

खेत्पप्रा (फ़ुमारिया परविफ्लोरा)

चैरता (स्वर्टिया चिराता)

शंखुष्पी (कंसकोरा डिकुसाटा)

काली हल्दी (कर्कुमा कैसिया)

अमर बेल (कुस्कटा रिफ्लेक्स)

तुलसी (अधिकतम कैनम)

लाल चंदन (पेट्रोकार्पस सैंटलिनस)

गुलाब (रोजा दमास्केन)

नीम (अज़ादिराचा इंडिका)

घी

हमदर्द साफी को प्रयोग करने का तरीका

हमदर्द साफी के प्रयोग का तरीका उस पर लिखा होता है। लेकिन अच्छा होगा कि आप छोटी छोटी डोज़ से शुरुआत करे। ताकि आपको अगर कोई रिएक्शन हो तो आप साफी का सेवन रोक सके।

हमदर्द साफी को दिन में दो बार सेवन करें। एक बार मे केवल एक से दो चम्मच का सेवन करे। आप साफी को पानी, दूध या जूस के साथ ले सकते है। इसका सेवन करने के दौरान तो हल्का आहार ले और मसाले, सॉफ्ट ड्रिंक, फ़ास्ट फ़ूड और भारी भोजन का सेवन ना करें

साफी पीने के फायदे-Safi Ke Fayde In Hindi

पेट दर्द को ठीक करने में

हमदर्द साफी digestion को बेहतर बनाती है, अगर आपको पेट की कब्ज या अन्य किसी कारण से पेट मे दर्द महसूस हो रहा हो, तो आप साफी का सेवन कर सकते है।

साफी पेट को बेहतर बनाकर, पेट की समस्याओं को दूर करती है। इसमे शामिल ब्राह्मी पित्तनाशक और पेट को ठंडक देने वाला होता है।

खून साफ करे

साफी में उपस्थित काली हल्दी न केवल खून को साफ करती है बल्कि फेफड़ो की सूजन भी कम करती है। ये फेफड़ो को अच्छे से काम करने में मदद करती है जिससे ऑक्सीजन अच्छे से फ्लो करती है। साफी हैजा, साइनस, और खांसी में भी आराम देती है।

साफी खून साफ करके ब्लड शुगर या मधुमेह में भी आराम देता है।

दमकती त्वचा बनाए

कील, मुँहासे, झाइयां झुर्रियों के लिए साफी का इस्तेमाल बहुत समय से किया जाता है। साफी के सेवन से त्वचा चमकदार बनती है। इसमे उपस्थित तुलसी, लाल चंदन और गुलाब त्वचा संक्रमण को दूर करके त्वचा में नमी लाती है।

खुल कर भूख लगाए

साफी के हर्बल तत्व जैसे ब्राह्मी, चोपचीनी, चैरता, digestive सिस्टम को बेहतर बनाता है। साफी कब्ज और गैस जैसी समस्याओं को दूर करती है। इस कारण आप जो भी खाएंगे वो अच्छे से पचेगा और आपको खुल कर भूख लगेगी।

जिन लोगो को वजन बढ़ाना हो वो बेफिक्र होकर साफी का यूज़ कर सकते है।

बाल्डनेस को कम करें

साफी में शामिल शीशम, निम्फेया कमल, और अमरबेल बालो को दोबारा उगाने में मदद करते है। अगर आपको गंजापन की समस्या है या आपके बाल झड़ने लग रहे हैं तो आपको उनसे छुटकारा पाना है तो आपको हमददर्द साफी का सेवन करना चाहिए।

संक्रमण को दूर करें

नीम और तुलसी जैसे तत्व साफी को एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल बनाती है। इसलिए यदि आप इसका सेवन करते है तो आपको साधारण खुजली से छुटकारा मिल जाएगा। त्वचा पर होने वाले किसी भी प्रकार के दाने भी साफी के सेवन से दूर हो जाते है। इन सब फायदों के अलावा साफी दस्त, थकान, सरदर्द, मुँह की बदबू में फायदा करती है।

साफी की सेवनविधि और मात्रा-How To Use Safi Syrup

  • 10 मिलीलीटर (दो चम्मच) साफी को एक गिलास ताज़ा पानी के साथ दिन में एक बार लेना चाहिए।
  • इसका प्रयोग हमेशा भोजन के बाद करें।
  • साफी को नाश्ते के बाद ले तो ज्यादा बेहतर है।
  • दो महीने से तीन महीने तक नियमित रूप से पीना चाहिए।
  • कम से कम दो महीने लगातार प्रयोग करे।
  • 14 साल से कम उम्र के बच्चों को केवल एक चम्मच साफी दे।
  • प्रयोग से पहले साफी की बोतल को अच्छे से हिलाएं।

साफी कब न ले

गर्भावस्था, ब्रेस्टफीडिंग, व अतिसार की समस्या में साफी का प्रयोग न करे।




साफी के परहेज

साफी एक आयुर्वेदिक औषधि है जो बहुत ही ज्यादा लाभदायक है। उपचार के दौरान तला हुआ, मसालेदार, और समृद्ध भोजन नहीं खाना चाहिए। आसानी से पचने वाले हल्के खाद्य पदार्थ का सेवन करें।

साफी के परहेज  इस प्रकार हैं –

  • गर्भवती महिलाओं को साफी का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी साफी का सेवन नहीं करना चाहिए ।
  • यदि आप किसी भी प्रकार की गंभीर बीमारी जैसे कैंसर, हृदय रोग आदि से ग्रसित हैं तो आपको साफी का सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श  लेकर ही इसका सेवन करना चाहिए ।
  • छोटे बच्चों के लिए साफी का सेवन सुरक्षित नहीं है ।
  • यदि आप किसी भी प्रकार का नशा करते हैं तो उसके साथ साफी का सेवन करने से आपको कोई लाभ नहीं होता ।
  • खाली पेट साफी का सेवन नहीं करना चाहिए।

साफी के अधिक  सेवन से होने वाले नुकसान

  • साफी के सेवन से एक ओर जहां रक्त साफ होता है वहीं दूसरी ओर मूत्र विसर्जन बढ़ जाता है इसके सेवन से कई बार बार-बार पेशाब आने की समस्या हो जाती है ।
  • यदि आप अधिक मात्रा में साफी का सेवन करते हैं तो आपका वजन असामान्य रूप से घट सकता है जिसके कारण शरीर में कमजोरी और लो ब्लड प्रेशर की शिकायत हो सकती है ।
  • कुछ व्यक्तियों को साफी पीने से एलर्जी होती है यदि आपको साफी पीने के बाद में शरीर में किसी भी प्रकार की एलर्जी दिखाई दे तो साफी का सेवन तुरंत बंद कर देना चाहिए  ।
  • साफी के अत्यधिक सेवन से पेट में दर्द ,अपच और पेट फूलना जैसी समस्याएं हो सकती हैं ।

साफी सिरप से जुड़ी कुछ गलतफहमियां है, आइए जानते हैं वह कौन सी हैं ?

लोगों में साफी को लेकर कई प्रकार की भ्रांतियां हैं जैसे –

*मिथ- यह केवल महिलाओं के लिए है

वास्तविकता –  कई लोगों का मानना है कि साफी केबल महिलाओं के लिए काम आने वाला सिरप है और पुरुषों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए । यह बात सही है की महिलाएं अधिक मात्रा में साफी का सेवन करती हैं परंतु साफी पुरुषों के लिए भी साफी पीने के फायदे उतना ही है जितना महिलाओं के लिए ।

पुरुषों में भी रक्त  संबंधित समस्याएं और पेट के रोग होना आम बात है साफी  इन सभी समस्याओं की कारगर दवा है ।

*मिथ – साफी पीने से त्वचा में जलन होती है

वास्तविकता – त्वचा सबंधित समस्याओं को दूर करने के लिए साफी सिरप कारगर होता है इससे त्वचा में किसी प्रकार की जलन नहीं होती है। किसी किसी मामले  में यदि त्वचा में जलन की समस्या होती तो ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपका पेट खराब है और खून साफ नहीं है।

इस कारण शरीर में विषैले तत्व जमा हो गए हैं और कई तरह के रोग उत्पन्न हो सकते हैं ,इसी कारण त्वचा में जलन होती है ।साफी के नियमित सेवन से खून साफ होता है ,त्वचा निखरती है साथ ही त्वचा में जलन की समस्या भी समाप्त हो जाती है।

*मिथ – साफी  शरीर के लिए गर्म होता है

वास्तविकता – साफी  में चीनी ,चिरायता, सना तुलसी ,नीम जैसे प्राकृतिक और हर्बल पदार्थ होते हैं । साफी वर्षों से प्रयोग किया जाने वाली एक भरोसेमंद आयुर्वेदिक औषधि है इससे शरीर में किसी प्रकार की गर्मी नहीं होती है।

यह त्वचा और खून को साफ करने के साथ-साथ ब्लड सरकुलेशन और पीएच वैल्यू को सही रखने में मदद करता है । यह ध्यान देना आवश्यक है कि इसका सेवन बताए गए दिशा निर्देशों के अनुसार करना चाहिए ।

मिथ – साफी के सेवन से उल्टी और दस्त होते हैं

वास्तविकता – साफी के अंदर नीम जैसी कई आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां पाई जाती हैं जो स्वाद में कड़वी होती है किसी कारण साफी का स्वाद कड़वा होता है। शुरू शुरू में स्वाद में कड़वा होने के कारण कुछ लोगों को इसका सेवन करने से उल्टी हो सकती हैं लेकिन यदि लगातार इसका सेवन किया जाए तो धीरे धीरे उल्टी होना बंद हो जाता है।

दस्त की बात करें तो यदि अधिक मात्रा में किसी  भी चीज का सेवन करना खराब होता है चाहे फिर वह कुछ भी क्यों ना हो । अतः अधिक मात्रा में साफी का सेवन दस्त का कारण बन सकता है इसलिए हमेशा बताए गए दिशा निर्देशों के अनुसार ही इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए ।




तो ये थीं साफी से जुड़ी कुछ धारणाएं , उचित मात्रा मे ,उपयुक्त दिशा निर्देशों का पालन करके यदि साफी का सेवन किया जाए तो साफी पीने के फायदे जरूर होते है। गंभीर रोगों से ग्रसित लोगों को साफी का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेकर ही सेवन करना चाहिए ।

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