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जानिए घर पर कैसे करे नमक से प्रेगनेंसी टेस्ट-Pregnancy Test With Salt In Hindi

नमक से प्रेगनेंसी टेस्ट




नमक से प्रेगनेंसी टेस्ट

विवाह के बाद दूसरा पड़ाव होता है मातृत्व सुख, ऐसे में हर महीने होने वाली माहवारी कुछ खास हो जाती है। थोड़ा सी देर हुई नही की मन मे कोपलें फूटने लगती है। थोड़ा बहुत हॉर्मोनल प्रॉब्लम हो तो माहवारी आगे पीछे होना सामान्य है।
पर शादी के बाद ऐसे में महिला असमंजस में हो जाती है कि ये प्रेग्नेंसी का लक्षण है या हार्मोनल अनियमितता का। अब इस उधेड़बुन में वो डॉक्टर के पास जाने की जल्दबाजी नही कर सकती।



कई घरों में महिलाएं बाहर जाकर टेस्ट किट लेने में भी झिझकती है ऐसे में वो क्या करें? तो ऐसे महिलाएं बहुत से घरेलू उपाय आजमा सकती है जिनसे वो अपनी प्रेग्नेंसी कन्फर्म कर सके।

ऐसा ही एक तरीका है नमक से प्रेगनेंसी टेस्ट, अगर आपकी माहवारी की डेट को निकले कम से कम एक से डेढ़ हफ्ता हो गया है तो आपको प्रेग्नेंसी टेस्ट जरूर करना चाहिए। होता क्या है कि शारीरिक सम्बन्ध बनाने के बाद जब स्पर्म एग को fertilize करता है तो फीमेल में HCG हॉर्मोन बनने लगता है। लेकिन पेशाब में इस हॉरमोन की उपस्थिति का पता 7-14 दिन के बाद ही लगाया जा सकता है।

इसलिए अगर आपके पीरियड्स मिस हो गए हो तो जल्दबाजी में कोई टेस्ट ना करे, थोड़ा धैर्य रखें। इन टेस्ट के अलावा भी आप कुछ शारीरिक और मानसिक बदलावों पर नजर रखे जैसे

.स्तन में सूजन आना या स्तनों में अकड़न महसूस होना
.बिना वजह थकान महसूस होना
.स्पॉटिंग अर्थात खुल कर माहवारी होने के स्थान पर केवल कुछ धब्बे दिखाई देना
.मसल्स और जॉइंट्स में ऐंठन महसूस होना
.जी मिचलाना या उबकाई आना, कभी कभी उल्टी होना।
.हर समय खाने की या कुछ विशेष खाने की इच्छा करना।
.बार-बार कब्ज़ या सिरदर्द होना
.मूड स्विंग्स
.चक्कर आना
.बॉडी टेम्परेचर बढ़ना
.खाने से बदबू आना
हो सकता है ये लक्षण किसी शारीरिक रोग से सम्बंधित हो, फिर भी एक बार प्रेग्नेंसी टेस्ट जरूर करे।



कई बार माहवारी समय पर ना होने के निम्न कारण हो सकते है।

.घर या कार्यालय में तनाव
.बहुत ज्यादा वजन बढ़ना या घटने से हार्मोन का
असंतुलन होता है, जो आपके मासिक धर्म को प्रभावित करता हैं
.कोई बीमारी, अनियमित भोजन करने की आदत,
.कॉन्ट्रासेप्टिव तरीके अपनाना खासकर पिल्स
.अत्यधिक काम करने से हार्मोन का संतुलन प्रभावित होता है और मासिक धर्म में देरी होती है।
.लम्बी दूरी की यात्रा, एनवायर्नमेंटल चेंज,अनियमित नींद चक्र
.कुछ महिलाएं प्रोलैक्टिनोमा से पीड़ित होती हैं, जिससे एस्ट्रोजेन कम हो जाता हैं और मासिक धर्म में देरी होती है।
.पीसीओएस, या थाइरोइड होना

नमक से प्रेगनेंसी टेस्ट कब करें

अगर आप ओव्यूलेशन के पांचवें दिन नमक से प्रेग्नेंसी टेस्ट करेंगे तो परिणाम ज्यादा प्रभावी होंगे। इसके लिए पहले से ही अपना ओव्यूलेशन डेट ट्रैक करने की जरूरत पड़ती है।

नमक से प्रेगनेंसी टेस्ट कैसे करे

  • नमक से प्रेगनेंसी टेस्ट करने के लिए सबसे पहले एक खाली बर्तन ले। कोशिश करे कि बर्तन ऐसी धातु का हो जो यूरिन से रिएक्शन न करे।
  • सुबह सबसे पहले उठते ही इस बर्तन में अपना यूरिन सैम्पल ले, शुरुआती सैम्पल ही सटीक रिज़ल्ट देने में कारगर होता है।
  • अब इस बर्तन में यानी यूरिन सैम्पल में करीब तीन चौथाई चम्मच नमक मिलाएं।
  • एक या दो मिनट तक इंतजार करें और नमक का यूरीन के साथ रिएक्शन देखें।
  • प्रेग्नेंसी होने पर यूरीन में मौजूद एचसीजी हार्मोन नमक के साथ अभिक्रिया करके झाग बन जाता है।
  • प्रेग्नेंसी नहीं होने पर नमक यूरीन के साथ कोई अभिक्रिया नहीं करता है।

इस प्रकार आप नमक से अपनी प्रेग्नेंसी जाँच सकती है, ये 100 प्रतिशत सटीक रिजल्ट नही देती लेकिन कोई और उपाय ना होने पर उसे आजमाया जा सकता है।



क्योंकि सटीक रिजल्ट तो कई बार प्रेग्नेंसी टेस्ट किट भी नही देती, और इसलिए ही डॉक्टर के पास जाना और अल्ट्रासाउंड कराना ही एकमात्र उपाय है।

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