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काली चाय से गर्भपात, काली चाय से गर्भ कैसे गिराए?

काली चाय से गर्भपात

जब किसी महिला या युवती को पीरियड्स नहीं आते या अनचाहा गर्भ ठहर जाता है तो वो डॉक्टर के पास जाती है। कभी-कभी कोई  युवती या महिला चाह कर भी डॉक्टर के पास नहीं जा पाती। कभी उसे खुद पता ही नहीं चलता और प्रेगनेंसी ठहर जाती है। ऐसे में उस अनवांटेड प्रेगनेंसी को अवार्ड कराना बहुत जरूरी हो जाता है। इन परिस्थितियों में उसे घरेलू नुस्खे याद आते हैं। हम यहां बात करेंगे काली चाय से गर्भ कैसे गिराए? एक ऐसे ही‌ काली चाय के घरेलू उपचार की जिसे प्रयोग करने से वो अनचाहा गर्भ शीघ्र ही गिरा सकती है। यह घरेलू उपचार अनियमित पीरियड की समस्या को भी दूर करता है। यह घरेलू उपचार रुके हुए पीरियड्स को खोलने में भी मददगार है। जब किसी महिला को 5 दिन या 15 दिन से अधिक होने पर भी पीरियस नहीं आते हैं तो फिर हम इस उपाय को आजमा सकते हैं। 

काली चाय से गर्भपात कैसे होता है

 काली चाय की मदद से आसानी से गर्भपात किया जा सकता है। काली चाय बहुत गर्म होती है। इसे पीने से शरीर में बहुत गर्मी होती है जिसके कारण अगर गर्भ धारण किए हुए अधिक समय नहीं हुआ है तो आसानी से गर्भपात हो सकता है।

इसे बनाने के लिए जैसे हम चाय बनाते हैं वैसे ही दो गिलास पानी गर्म करके उसमें चाय पत्ती डालकर उबालते हैं। जब यह पानी आधा हो जाए तो इसे गरम-गरम पीते हैं। इसे कुछ दिनों तक लगातार पीने से शीघ्र ही मिसकैरेज हो जाएगा।

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यहाॅ हम कई तरह की काली चाय बनाने की विधि दे रहे हैं। इनमें से किसी भी चाय को प्रयोग करके आप गर्भपात कर सकते हैं। आप दो या तीन तरह की चाय का भी प्रयोग कर सकते हैं पर ध्यान रहे उन्हें अलग-अलग समय पर लेना है। आप सारी सामग्रियों को मिलाकर भी काली चाय बना सकते हैं। यह बहुत गर्म होगी और इसके साइड इफेक्ट्स भी ज्यादा होंगे। 

गुड़ की काली चाय 

अगर आपके पीरियड आने में देरी हो रही है। आप अनचाहे गर्भ की समस्या से परेशान है तो आपको सुबह-सुबह खाली पेट इस चाय को पीना चाहिए। ऊपर दी गयी विधी से दो गिलास काली चाय बनाले। 

  • गुड़ डालकर उसे आधा होने तक उबाल ले। गुड़ बहुत गर्म होता है यह आपके शरीर से अनचाहे तत्व को निकालने में मददगार होता है।
  • जब यह काड़ा आधा हो जाए तो इसे छान कर गरम गरम पी लें।

आपको इस उपाय को सात दिन तक नियमित करना है। सुबह-सुबह खाली पेट आपको इस चाय को पीना है। बहुत जल्दी ही आपके पीरियड्स आने लगेंगे। 

अजवाइन की काली चाय 

अजवाइन को हमेशा से ही गर्भनिरोधक और अनियमित पीरियड को नियमित करने के लिए जाना जाता है।

  • हम दो गिलास काली चाय में एक चम्मच अजवाइन  डालेंगे।
  • जब यह चाय आधी रह जाएगी तब इसे गरम गरम पीना है।

आप इस चाय को रात को सोते समय भी ले सकते हैं। यह चाय बहुत गर्म होती है। आपको इस चाय को लेने के बाद कुछ परेशानियां भी हो सकती हैं। आपको इस चाय को तब तक लेना है जब तक की आपके पीरियड्स रेगुलर ना हो जाए। 

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जीरे की काली चाय 

जीरा आपकी बच्चेदानी की मेंब्रेन को ब्रेक करता है। जब यह मेंबरेन (झिल्ली) टूटती है तो पीरियड शुरू हो जाते हैं। जीरा एक दर्द निवारक का भी काम करता है।

  • आपको जीरे का पेय बनाने के लिए दो गिलास काली चाय लेनी है।
  • उस में एक चम्मच जीरा डालकर उसे 10 मिनट तक उबालना है। 
  • जब यह चाय आधी रह जाए तब इसे गरम-गरम  पी ले।

जब आप जीरे वाली चाय लेते हैं तो आपको दर्द में भी राहत मिलती है । इस चाय को पीने से आपका वजन भी कम होता है। इस चाय से आपका पेट भी ठीक रहता है। आप इस चाय को सुबह शाम दोनो समय पीये। शीघ्र ही आपकी समस्या का समाधान मिल जाएगा। 

हल्दी और काली मिर्च की काली चाय

हल्दी बहुत गर्म होती है व इसकी रोगप्रतिकारक क्षमता बहुत होती है। यह शरीर में गर्मी पैदा करती है। इसी तरह से काली मिर्च भी काफी गर्म होती है।  काली मिर्च एक उत्प्रेरक का भी कार्य करती है। यह आपकी बच्चेदानी की दीवार में संकुचन लाती है। संकुचन के कारण बच्चेदानी की मेंब्रेन टूट जाती है। इस मेंब्रेन के टूटने से अबॉर्शन हो जाता है।

  • इस चाय को बनाने के लिए दो गिलास काली चाय को थोड़ी देर उबालें।
  • फिर उसमें काली मिर्च और हल्दी डालकर उसे आधा होने तक पकाएं।
  • जब यह काड़ा आधा रह जाए तो पी ले।

इस चाय को आप सुबह खाली पेट व रात को सोते समय पीये। कुछ समय बाद ही आपका गर्भपात हो जायेगा।

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काली चाय के प्रयोग के समय सावधानियां

किसी भी काली चाय के प्रयोग के दौरान ठंडी चीजें न खाएं। काली चाय को गरम गरम ही पीये। ज्यादा घी और चिकनाई से बचें। खट्टे, तीखे, मिर्च मसाले वाला भोजन न खाये। पीरियड्स आने के बाद इस चाय का प्रयोग बंद कर दें। अगर पीरियड्स रुक-रुक कर आ रहा है तो दो-चार दिन तक इसका कम मात्रा में प्रयोग कर सकते हैं। अगर फिर भी पीरियड खुल कर  नहीं आ रहा है तो आप दिन में तीन बार  भी इस चाय को ले सकते हैं पीरियड्स शुरू हो जाए तो कुछ समय बाद एक बार दोबारा से प्रेगनेंसी टेस्ट जरूर कर ले। अगर आपको इस चाय को पीकर कुछ बेचैनी व घबराहट हो रही है या बीपी बढ़ रहा है तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें। अगर आप का गर्भ 1 महीने से अधिक का है तो इन घरेलू उपायों का प्रयोग न करके सीधे डॉक्टर से संपर्क करें। इस चाय के साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। किसी तरह की कोई भी परेशानी होने पर इन चाय का प्रयोग तुरंत बंद कर दे। तत्काल किसी योग्य चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

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